124वें संविधान संशोधन विधेयक 2019 के पक्ष में 165 और विरोध में सात सदस्‍यों के मतदान के बाद राज्‍यसभा में पारित होने पर राष्‍ट्रपति की मंजूरी के लिए भेजा जायेगा

संसद ने 124वां संविधान संशोधन विधेयक 2019 पारित कर दिया है। राज्‍यसभा ने कल रात इसे पास किया, लोकसभा इसे पहले ही पारित कर चुकी है। इस विधेयक में सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों को सरकारी नौ‍करियों और उच्च शिक्षा संस्‍थानों में प्रवेश में 10 प्रतिशत आरक्षण देने का प्रावधान है। राज्‍यसभा में मत विभाजन के दौरान 165 सदस्‍यों ने इसके पक्ष में और सात सदस्‍यों ने विरोध में मतदान किया। विधेयक अब मंजूरी के लिए राष्ट्रपति को भेजा जा रहा है।

विधेयक पर राज्‍यसभा में 10 घंटे तक चली बहस का उत्‍तर देते हुए केन्‍द्रीय सामाजिक न्‍याय और अधिकारिता मंत्री थावर चन्‍द गहलोत ने कहा कि विधेयक अच्‍छी मंशा के साथ लाया गया है, जिसका उद्देश्‍य लक्षित लाभार्थियों को आर्थिक और शैक्षिक रूप से सशक्त बनाना है।

कानून और न्याय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने चर्चा में हस्तक्षेप करते हुए सदन को आश्वासन दिया कि इससे मौजूदा आरक्षण में किसी प्रकार का बदलाव नहीं होगा। उन्होंने कहा कि इस विधेयक के तहत राज्यों को लाभार्थियों के लिए आय के मानदंडों के बारे में फैसला करने की छूट होगी।

जब भारत एक फैडरल करेक्‍टर का देश है जहां केन्‍द्र सरकार के अपने अधिकार हैं, लेकिन प्रदेश में भी इक्‍नोमिक वीकर सेक्‍शन के लिए अब आपको इसके बाद ये बंधन देना पड़ेगा कि उनके लिए 10 परसेन्‍ट रिर्जेवेशन देना पड़े्गा। उसके मानक क्‍या होंगे। ये मानक भारत सरकार तय करेगी। तो ये इनेबलिंग एटमोस्‍फेयर हम फंडामेंटल राइटस में बदलाव करके कर रहे हैं। इसको समझने की जरूरत है।

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