लोकसभा में भारतीय अर्थव्‍यवस्‍था पर एक श्‍वेत पत्र और देश की जनता पर पडने वाले इसके प्रभाव पर चर्चा हुई

लोकसभा में भारतीय अर्थव्‍यवस्‍था पर एक श्‍वेत पत्र और देश की जनता पर पडने वाले इसके प्रभाव पर चर्चा हुई। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज निचले सदन में श्‍वेत पत्र प्रस्‍तुत किया। आरएसपी के एन के प्रेमचंद्रन और टीएमसी नेता सौगत राय ने श्‍वेत पत्र के विरूद्ध एक विकल्‍प प्रस्‍ताव पेश किया। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि भारतीय अर्थव्‍यवस्‍था को पांच कमजोर अर्थव्‍यवस्‍था से निकाल कर के दस वर्षों बाद और इसे शीर्ष पांच अर्थव्‍यवस्‍थाओं में ले जाने को लेकर सरकार ने श्‍वेत पत्र पेश किया है। उन्‍होंने कहा कि श्‍वेत पत्र इस जिम्‍मेदारी के साथ पेश किया गया है जिसमें अर्थव्‍यवस्‍था पर वास्‍तविक सूचनाओं का रिकॉर्ड हो। निर्मला सीतारमण ने कहा कि संयुक्‍त प्रगतिशील गठबंधन सरकार ने अर्थव्‍यवस्‍था को एक नाजुक स्थिति में छोड़ दिया था।

जन कल्याण के लिए मुद्रा स्‍वनिधि जैसे अच्छे कार्यक्रम बैंक के द्वारा हम कर रहे हैं। प्राब्‍लम क्‍या था बैड गर्वर्नेस क्‍या था, बैड डिसीजन मेकिंग क्‍या था और उससे क्या असर पड़ा यह बात बोले फिर हमारे सरकार के द्वारा जो अच्छा कदम पॉलिसी लेजिस्‍ले‍शन मेजर्स इन सब के ऊपर ट्रांसपेरेंसी के साथ जो हमने किया उसके कारण आज भारत देश के बैंक सेक्‍टर को, कोल सेक्‍टर को, पूरे इकॉनोमी को अच्‍छे स्‍तर पर पहुंचा है। एक जिम्‍मेदार गर्वनमेंट के नाते आने वाले पीढियों को इतने गहरा सिचुएशन से अब भारत देश में इस कगार के पर पहुंचे हैं तो बहुत मेहनत हुआ इस 10 कार्यकाल में 10 साल में उसका विश्लेषण है व्‍हाइट पेपर में।

निर्मला सीतारमण ने कहा कि कोयला घोटाले के कारण राजकोष को एक करोड़ 86 लाख करोड़ रुपए का नुकसान हुआ था। उन्‍होंने कहा कि मोदी सरकार ने कोयला खण्‍डों की पारदर्शी नीलामी सुनिश्चित की है।

करोनी केपीटलाइज्म के ऊपर यह ज्ञान देते हैं हमें यह भी सोचना चाहिए सर आपने कोयला को राख बनाया जो कोयला भारत देश में है उसको राख बनाया हमने अपने नीतियों के तप से हमने कोयले को हीरा बना दिया।

कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने श्‍वेत पत्र को सरकार का राजनीतिक घोषणा पत्र कहकर निंदा की है। उन्‍होंने कहा कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की सरकार ने 2014 में श्‍वेत पत्र क्‍यों नहीं पेश किया। सरकार ने क्‍यों दस वर्षों तक इंतजार किया। मनीष तिवारी ने संयुक्‍त प्रगतिशील गठबंधन- यूपीए सरकार की मनरेगा और आधार सहित उपलब्धियों को गिनाया। कांग्रेस नेता ने मुद्रा स्फिति पर भी सरकार का आलोचना की। चर्चा अभी जारी है।

उधर केन्‍द्रीय मंत्री अर्जुन राममेघवाल ने कहा है कि सरकार यूपीए शासन के दौरान देश की खराब आर्थिक स्थिति के बारे में श्‍वेत पत्र लेकर आई है। उन्‍होंने कहा कि देश के लोगों को यह जानने का अधिकार है कि वर्तमान सरकार ने अर्थव्‍यवस्‍था को मजबूत करने के लिए किस तरह की नीतियां और समग्र दृष्टिकोण अपनाया। संसद भवन के बाहर संवाददाताओं से बातचीत में अर्जुन मेघवाल ने कहा कि पिछली सरकार के दौरान खराब शासन व्‍यवस्‍था के कारण भारत विश्‍व की पांच नाजुक अर्थव्‍यवस्‍थाओं का हिस्‍सा था।

आपके समय बेड गवर्नेंस हुआ था इकोनॉमी को ले करके, जिसके कारण आप इकोनॉमी में फाइव फ्रैजल की श्रेणी में पहुंच गए थे और अब हम टॉप फाइव इकोनॉमी में पहुंच गए हैं तो देश को यह जानने का हक तो है ना कि नरेंद्र मोदी जी ने ऐसी क्या नीतियां बनाई, क्या हॉलिस्टिक अप्रोच ली, क्‍या होलो ऑफ गर्वमेंट अप्रोच ली, जिससे हम टॉप फाइव इकोनॉमी में पहुंच गए ये देश को जानने का हक है।