अनुराग सिंह ठाकुर ने आज अमृतसर में गुरु नानक देव विश्वविद्यालय के खिलाड़ियों को सम्मानित किया

केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण तथा युवा कार्यक्रम और खेल मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने आज अमृतसर में गुरु नानक देव विश्वविद्यालय के खिलाड़ियों (खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स, ऑल इंडिया इंटर-यूनिवर्सिटी चैंपियनशिप और खेलो इंडिया यूथ गेम्स के स्थान प्राप्त करने वाले खिलाडियों समेत 25 अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ी,) को सम्मानित किया। अमृतसर स्थित विश्वविद्यालय कैंपस में आयोजित 52वें वार्षिक खेल पुरस्कार वितरण समारोह के दौरान अंतर्राष्ट्रीय, खेलो इंडिया और अखिल भारतीय अंतर-विश्वविद्यालय स्तरों पर विभिन्न खेल स्पर्धाओं में विश्वविद्यालय का नाम रौशन करने वाले तथा सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले कॉलेजों को 2.00 करोड़ रुपये से अधिक के नकद पुरस्कार और ट्राफियां वितरित की गयीं।

अनुराग सिंह ठाकुर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि थे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि गुरु नानक देव विश्वविद्यालय की प्रतिष्ठा, स्वयं विश्वविद्यालय से भी पहले है और यह देश के प्रमुख खेल विश्वविद्यालयों में से एक है। जब हम एक खेल संस्कृति विकसित करने की बात करते हैं, तो यह उन विश्वविद्यालयों में है, जो ऐसा करने के लिए आधार तैयार करते हैं। गुरु नानक देव विश्वविद्यालय की प्रतिष्ठा स्वयं बोलती है, क्योंकि इसने रिकॉर्ड 23 बार प्रतिष्ठित मौलाना अबुल कलाम आज़ाद (एमएकेए) ट्रॉफी जीती है। केवल अबुल कलाम आज़ाद ट्राफियां ही नहीं, बल्कि 34 अर्जुन, 2 द्रोणाचार्य और 6 पद्म श्री पुरस्कार विजेता भी इस विश्वविद्यालय के हैं। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि महिला एथलीटों पर ध्यान केंद्रित करते हुए, युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय नौ स्पर्धाओं – हॉकी, तीरंदाजी, भारोत्तोलन, साइकिलिंग, मुक्केबाजी, तैराकी, कुश्ती, वॉलीबॉल और जूडो में खेलो इंडिया महिला लीग का आयोजन कर रहा है। इन प्रतियोगिताओं में 23,000 से अधिक महिला एथलीट हिस्सा लेंगी।

अनुराग सिंह ठाकुर ने खेल के क्षेत्र में गुरु नानक देव विश्वविद्यालय और कॉलेजों द्वारा किए गए कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि गुरु नानक देव विश्वविद्यालय ने खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स में 14 स्वर्ण पदक सहित 42 पदक के साथ बहुत ही सराहनीय चौथा स्थान हासिल किया। उन्होंने कहा कि सरकार का दृष्टिकोण नागरिक केंद्रित है और हम सभी नागरिकों के जीवन में सुगमता लाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि देश भर में खेल संस्कृति को विकसित करने की जरूरत है और सरकार इस प्रयास के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने खेल सुविधाओं के लिए हर तरह की मदद और सहायता का आश्वासन दिया।

उन्होंने गुरु नानक देव विश्वविद्यालय के छात्र जीवन की यादों को साझा करते हुए कहा कि यह उनकी जिम्मेदारी है कि वे खेल के बुनियादी ढांचे को बढ़ावा देने के लिए आवश्यक खेल सुविधाएं और परियोजनाएं प्रदान करें। उन्हें गर्व महसूस हुआ कि वे उस विश्वविद्यालय के छात्र रहे हैं, जिसकी आज देश-विदेश में खेल के अलावा कई क्षेत्रों में ख्याति है। उन्होंने कहा कि देश खेल संस्कृति में विकसित और समृद्ध हो सकता है तथा व्यक्ति, परिवार, समाज और कॉर्पोरेट स्तर पर सभी को खेल संस्कृति को हर स्तर पर बढ़ावा देने में अपना योगदान देना चाहिए।

मुख्य अतिथि और अन्य अतिथियों का स्वागत करते हुए कुलपति प्रो जसपाल सिंह संधू ने कहा कि इस विश्वविद्यालय को खेल के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए बहुत सारी परियोजनाओं की आवश्यकता है। प्रो. संधू ने कहा कि विश्वविद्यालय को एस्ट्रोटर्फ प्रतिस्थापन, सिंथेटिक ट्रैक्ट की स्थापना, स्विमिंग पूल उन्नयन और अन्य सुविधाओं के संबंध में अनुदान और परियोजनाओं की आवश्यकता है।

इससे पूर्व, कुलसचिव डॉ. करनजीत सिंह कहलों ने अतिथियों का स्वागत किया और निदेशक खेल कार्यालय के शारीरिक शिक्षा विभाग (ए.टी.) के प्रभारी डॉ. कंवर मनदीप सिंह ने खेलकूद की महत्वपूर्ण उपलब्धियों पर एक रिपोर्ट प्रस्तुत की। प्रो. सरबजोत सिंह बहल, डीन अकादमिक कार्य, ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया। कार्यक्रम का संचालन डीन छात्र कल्याण प्रो. अनीश दुआ ने किया। इस अवसर पर जीएनडीयू खेल समिति (पुरुष), जीएनडीयू खेल समिति (महिला), विश्वविद्यालय के खेलकूद में सर्वाधिक योगदान देने वाले महाविद्यालयों के प्राचार्य एवं विभागाध्यक्ष एवं अन्य अधिकारी एवं प्रशिक्षक भी उपस्थित थे।

केंद्रीय मंत्री ने “खेलो इंडिया” योजना के तहत खेल छात्रावासों का भी उद्घाटन किया और वे विश्वविद्यालय परिसर में खेल सुविधाओं को देखने गए। इस अवसर पर, मुख्य अतिथि ने प्रधानाध्यापकों, शारीरिक शिक्षा विभाग के विभागाध्यक्षों और खेल हस्तियों / प्रशिक्षकों को भी सम्मानित किया।