कोरोना वायरस के परीक्षण के 29 निजी प्रयोगशाला संगठनों को स्‍वीकृति प्रदान की गई

देश में कोरोना वायरस के परीक्षण के 29 निजी प्रयोगशाला संगठनों को स्‍वीकृति प्रदान की गई है। इन निजी प्रयोगशाला संगठनों के देश भर में 16 हजार संग्रह केन्‍द्र हैं। इसके अलावा एक सौ 18 सरकारी प्रयोगशालाओं को भी परीक्षण की स्‍वीकृति दी गई है और ये रोजाना 12 हजार नमूनों का परीक्षण करने में सक्षम हैं। स्‍वास्‍थ्‍य और परिवार कल्‍याण मंत्रालय में संयुक्‍त सचिव लव अग्रवाल ने कल नई दिल्‍ली में कहा कि सरकार लगातार अपने परिक्षण संबंधी बुनियादी ढांचे का विस्‍तार कर रही है।

अब तक हमारी 118 सरकारी लैव है, जहां पर कि हमारी टेस्टिंग फैस्लिटीज अवेलेवल है और इसके तहत हम देश में करीब 12 हजार सैम्पल प्रतिदिन करने के लिए तैयार हैं। इसके साथ ही येडुक्येट जॉगरिफिकल अवलेवल के लिए हमने प्राइवेट लैब्स जो कि एनएवी इलेक्ट्रेड लैव्स है उनको भी हमने कवर किया है। अब तक 29 लैब चैन को इसकी परमीशन दी जा चुकी है और उन लैब चेन के अंडर में अभी अपरोक्समेटिली 16 हजार कलेक्शन सेंटर हैं तो जिसके द्वारा भी जो हम कलेक्शन कर पाएंगे और जल्दी से जल्दी ये सर्विस प्रोवाईड कर पाएंगे जो भी ये लैब्स हैं इनको आईसीएमआर की जो गाईडलाइन है और जो सैम्पल कलेक्शन के जो नॉर्म्स हैं कि किस किस आदमी का सैम्पल कलेक्ट होना चाहिए, किस किस आदमी की टेस्टिंग होनी चाहिए ये सारे नॉर्म्स इन लैब को फॉलो करने हैं।

लव अग्रवाल ने यह भी कहा कि हाइड्रोक्‍सी-क्‍लोरोक्‍वीन का सेवन डॉक्‍टर के परामर्श पर ही किया जाना चाहिए।
एक दवाई जो है हाइड्रोक्सिल क्लोरीक्लीन वह दवाई हमने दो पर्टिकुलर केसेज के लिए ही अलाऊ की है, जोकि प्रोफाईल एक्सेस के रूप में काम करेगी जो केवल दी जा सकती है हेल्थकेयर वर्कर जो कि सस्पेक्टेड या कन्फर्म केस से डील कर रहे हैं। या उन कन्फर्म केसेस में जिनमें कि जो उनके फर्स्ट कॉन्टेक्ट हैं उनको दी जा सकती है कि जो ये परमिशन दी गई है, प्लीज इसको इन लोगों के अलावा इस दवाई को कोई न ले। ये डायरेक्शन बड़ी टेक्नीकली डिफाइंड डायरेक्शन्स है इसका पूर्णत: अमल हो।

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