लक्षद्वीप की एक लोकसभा और महाराष्‍ट्र, अरुणाचल प्रदेश, झारखंड, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल की छह विधान सभा सीटों के लिए 27 फरवरी को उपचुनाव

निर्वाचन आयोग ने लक्षद्वीप के 1 (एक) संसदीय निर्वाचन क्षेत्र और अरुणाचल प्रदेश, झारखंड, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और महाराष्ट्र के निम्नलिखित 6 (छह) विधानसभा क्षेत्रों की रिक्तियों को भरने के लिए उपचुनाव कराने का फैसला किया है-

क्र.सं.राज्य/केंद्र शासित प्रदेश का नामसंसदीय/विधानसभा क्षेत्र संख्या और नामरिक्ति का कारण
1.केंद्र शासित प्रदेश, लक्षद्वीपलक्षद्वीप (एसटी) पी.सीमोहम्मद फैजल पी.पी. की अयोग्यता
2.अरुणाचल प्रदेश01-लुमला (एसटी) ए.सीजंबे ताशी का निधन
3.झारखंड23-रामगढ़ ए.सीममता देवी की अयोग्यता
4.तमिलनाडु98-इरोड (पूर्व) ए.सीथिरु ई. थिरुमहान एवरा का निधन
5.पश्चिम बंगाल60-सागरदिघी ए.सीसुब्रत साहा का निधन
6.महाराष्ट्र215-कस्बा पेठ ए.सीमुक्ता शैलेश तिलक का निधन
7.महाराष्ट्र205-चिंचवाड़ ए.सीलक्ष्मण पांडुरंग जगताप का निधन

उपचुनाव का कार्यक्रम इस प्रकार है:

संसदीय/विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र के लिए उपचुनाव का कार्यक्रम

चुनाव कार्यक्रमतिथि
राजपत्र अधिसूचना जारी करने की तिथि31 जनवरी, 2023 (मंगलवार)
नामांकन करने की अंतिम तिथि7 फरवरी, 2023 (मंगलवार)
नामांकन पत्रों की जांच की तिथि8 फरवरी, 2023 (बुधवार)
उम्मीदवारी वापस लेने की अंतिम तिथि10 फरवरी, 2023 (शुक्रवार)
मतदान की तिथि27 फरवरी, 2023 (सोमवार)
मतगणना की तिथि2 मार्च, 2023 (गुरुवार)
तिथि, जिससे पहले चुनाव प्रक्रिया पूरी हो जाएगी4 मार्च, 2023 (शनिवार)

1 ) मतदाता सूची

उपरोक्त विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों के लिए मतदाता सूची 5 जनवरी, 2023 को अंतिम रूप से 01.01.2023 की योग्यता तिथियों के साथ प्रकाशित की गयी और नामांकन करने की अंतिम तिथि तक अद्यतन, इसे इन चुनावों के लिए उपयोग किया जाएगा।

2 ) इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) और वीवीपैट

आयोग ने उपचुनाव में सभी मतदान केंद्रों पर ईवीएम और वीवीपीएटी का इस्तेमाल करने का फैसला किया है। पर्याप्त संख्या में ईवीएम और वीवीपैट उपलब्ध कराए गए हैं और इन मशीनों की मदद से मतदान सुचारू रूप से संपन्न कराने को सुनिश्चित करने के लिए सभी कदम उठाए गए हैं।

3 ) मतदाताओं की पहचान

मतदान फोटो पहचान पत्र (ईपीआईसी) मतदाता की पहचान का मुख्य दस्तावेज होगा। हालांकि, मतदान केंद्र पर नीचे दिए गए पहचान दस्तावेजों में से कोई एक को भी दिखाया जा सकता है:

l आधार कार्ड,

l मनरेगा जॉब कार्ड,

l बैंक/डाकघर द्वारा जारी फोटोयुक्त पासबुक,

l श्रम मंत्रालय की योजना के तहत जारी स्वास्थ्य बीमा स्मार्ट कार्ड,

l ड्राइविंग लाइसेंस,

l पैन कार्ड,

l एनपीआर के तहत आरजीआई द्वारा जारी स्मार्ट कार्ड,

l भारतीय पासपोर्ट,

l फोटोग्राफ के साथ पेंशन दस्तावेज,

l केंद्र/राज्य सरकार/पीएसयू/पब्लिक लिमिटेड कंपनियों द्वारा कर्मचारियों को जारी किए गए फोटोयुक्त सेवा पहचान पत्र और

l सांसदों/विधायकों/एमएलसी को जारी आधिकारिक पहचान पत्र।

l विशिष्ट दिव्यान्गता आईडी (यूडीआईडी) कार्ड, सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार

4 ) आदर्श आचार संहिता

आदर्श आचार संहिता उन जिलों में तत्काल प्रभाव से लागू होगी जिनमें चुनाव होने वाले विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र का पूरा या कोई हिस्सा शामिल है, आयोग के निर्देश संख्या 437/6/1एनएसटी /2016- सीसीएस, दिनांक 29 जून, 2017 के तहत जारी आंशिक संशोधन के अधीन। (आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध)।

5 ) आपराधिक पृष्ठभूमि के संबंध में जानकारी

आपराधिक पृष्ठभूमि वाले उम्मीदवारों को अभियान अवधि के दौरान तीन अवसरों पर समाचार पत्रों और टेलीविजन चैनलों के माध्यम से इस संबंध में जानकारी प्रसारित करनी होगी। एक राजनीतिक दल, जो आपराधिक पृष्ठभूमि वाले उम्मीदवारों को खड़ा करता है, उसे अपने उम्मीदवारों की आपराधिक पृष्ठभूमि के बारे में जानकारी अपनी वेबसाइट और अखबारों और टेलीविजन चैनलों पर भी तीन अवसरों पर प्रसारित करनी होगी।

आयोग ने अपने पत्र संख्या 3/4/2019/ एसडीआर/वॉल्यूम. IV दिनांक 16 सितंबर, 2020 ने निर्देश दिया है कि निर्दिष्ट अवधि का निर्धारण निम्नलिखित तरीके से तीन ब्लॉकों के साथ किया जाएगा, ताकि मतदाताओं को ऐसे उम्मीदवारों की पृष्ठभूमि के बारे में जानने के लिए पर्याप्त समय मिले:

क) उम्मीदवारी वापस लेने के पहले 4 दिनों के भीतर।

ख) अगले 5वें – 8वें दिनों के बीच।

ग) 9वें दिन से प्रचार के अंतिम दिन तक (मतदान की तारीख से दो दिन पहले)

(उदाहरण: यदि वापसी की अंतिम तिथि महीने की 10 तारीख है और मतदान महीने की 24 तारीख को है, तो घोषणा के प्रकाशन के लिए पहला ब्लॉक महीने की 11 और 14 तारीख के बीच किया जाएगा, दूसरा और तीसरा ब्लॉक उस महीने की क्रमशः 15 और 18 तथा 19 और 22 तारीख के बीच होगा।)

यह आवश्यकता 2015 की रिट याचिका (सी) संख्या 784 (लोक प्रहरी बनाम भारत संघ और अन्य) और 2011 की रिट याचिका (सिविल) संख्या 536 (पब्लिक इंटरेस्ट फाउंडेशन और अन्य बनाम भारत संघ और अन्य) में माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय के अनुसरण में है।

यह जानकारी ‘अपने उम्मीदवारों को जानें’ शीर्षक वाले ऐप पर भी उपलब्ध होगी।

6 ) उपचुनाव के दौरान कोविड संबंधी व्यवस्था

देश भर में कोविड की स्थिति में समग्र सुधार को देखते हुए और एनडीएमए/एसडीएमए द्वारा डीएम अधिनियम के तहत प्रतिबंधात्मक उपाय को वापस लेने के मद्देनजर, भारत सरकार के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा समय-समय पर जारी की गई सलाह का पालन करने का निर्णय लिया गया है। उपचुनाव की प्रक्रिया के दौरान, पांच बिन्दुओं वाली रणनीति यानी जांच-पता लगाना-उपचार-टीकाकरण और कोविड उपयुक्त व्यवहार का पालन करने पर निरंतर ध्यान दिया जाना चाहिए। जिला प्रशासन को प्रभावी ढंग से कोविड स्थिति की निगरानी करनी चाहिए और आवश्यक कानूनी/प्रशासनिक नियम निर्धारित करके कोविड उपयुक्त व्यवहार के मानदंडों को लागू करना चाहिए।