कैबिनेट ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) के अंतर्गत लाभार्थियों के बैंक खाते आधार से जोड़ने की अनिवार्यता में छूट प्रदान करने को मंजूरी दी

Cabinet approves exemption in the mandatory linking of beneficiaries to the bank account Aadhaar under the Prime Minister Kisan Samman Nidhi (PM-Kisan)

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केन्द्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में आज प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) के अंतर्गत लाभार्थियों के बैंक खाते आधार से जोड़ने की अनिवार्यता में छूट दिये जाने की मंजूरी दी।

इस योजना के अंतर्गत कुछ अपवादों को छोड़कर जोत वाले किसान परिवारों की आय में 6,000 रूपये की सालाना सहायता प्रदान की जाती है। इस योजना के तहत हर चार महीने पर 2,000-2,000 रूपये की तीन किस्तें प्रदान की जाती हैं। यह धनराशि डीबीटी माध्यम से लाभार्थियों के बैंक खातों में सीधे जमा कराई जाती है।

इस योजना के तहत 1 अगस्त, 2019 के बाद उन लाभार्थियों को तीसरी किस्त जारी की गई, जिन्हें दिसम्बर, 2018- मार्च, 2019 के दौरान पहली किस्त प्राप्त हुई थी तथा अप्रैल-जुलाई, 2019 को उन लाभार्थियों को दूसरी किस्त प्राप्त हुई थी। यह धनराशि केवल बैंक खातों के आधार संख्या से जुड़े होने के आधार पर जारी की गई थी। इसी तरह 1 अगस्त, 2019 के बाद उन लोगों को दूसरी किस्त जारी की गई, जिन्हें अपनी पहली किस्त अप्रैल-जुलाई, 2019 को केवल बैंक खातों के आधार संख्या से जुड़े होने के आधार पर प्राप्त हुई थी। शेष लाभार्थियों को 1 अगस्त, 2019 को पहली किस्त केवल बैंक खातों के आधार संख्या से जुड़े होने के आधार पर दी जानी थी। असम, मेघालय और जम्मू कश्मीर के किसान, जहां आधार की व्यापक पैठ संभव नहीं हो सकी है, उन्हें 31 मार्च, 2020 तक इस आवश्यकता से छूट प्रदान की गई है।

हालांकि 1 अगस्त, 2019 के बाद किस्त जारी करने के निर्धारित समय के अनुसार धनराशि जारी करने के लिए 100 प्रतिशत खातों को आधार से जोड़ा जाना संभव नहीं हो सका है। अब जबकि किसान रबी के मौसम की तैयारी कर रहे हैं, ऐसे में उन्हें कृषि से जुड़े अनेक कार्यों जैसे बीजों के खरीद, मिट्टी की तैयारी और सिंचाई जैसी संबंधित गतिविधियों, मशीनों और उपकरणों के रख-रखाव के लिए धन की नितांत आवश्यकता है। इन आवश्यकताओं के साथ-साथ, हाल ही में शुरू हुआ त्यौहारों का मौसम भी गरीब किसान परिवारों पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ डालेगा। आधार संख्या के साथ लाभार्थियों के खाते को जोड़े नहीं जा सकने के कारण अगली किस्तों के जारी होने में विलंब होगा और इससे किसानों में असंतोष फैलेगा। इसलिए 1 अगस्त, 2019 के बाद लाभार्थियों को लाभ जारी करने के लिए बैंक खातों के आधार संख्या से जुड़े होने की अनिवार्यता में 30 नवंबर, 2019 तक छूट प्रदान की गई है। इससे बड़ी संख्या में उन किसानों को तत्काल धनराशि जारी की जा सकेगी, जो इस अनिवार्यता की वजह से यह लाभ प्राप्त नहीं कर सकते हैं। लाभ जारी करने के लिए यह अनिवार्यता 1 दिसम्बर, 2019 के बाद से लागू हो जाएगी। सरकार भुगतान करने से पहले इस आंकड़े की वैद्यता के लिए उचित उपाय करेगी।

Related posts