केंद्र सरकार ने अनलॉक के दूसरे चरण के लिए दिशा-निर्देश जारी किये, मेट्रो रेल सेवा, स्‍कूल, कॉलेज, सिनेमाघर और जिम बंद रहेंगे

केंद्र सरकार ने अनलॉक के दूसरे चरण के लिए दिशा-निर्देश जारी करते हुए संक्रमण-क्षेत्र से बाहर के क्षेत्रों में और अधिक छूट की अनुमति दी है। नए दिशा-निर्देश पहली जुलाई से प्रभावी होंगे और इनमें कई कार्य चरणबद्ध ढंग से दोबारा शुरु करने की बात कही गई है। इसके अनुसार, संक्रमण वाले क्षेत्रों में पूर्णबंदी को 31 जुलाई तक कड़ाई से लागू किया जाएगा।

गृह मंत्रालय ने कहा है कि ये दिशा-निर्देश राज्यों से प्राप्त सुझावों और संबंधित केंद्रीय मंत्रालयों तथा विभागों के साथ परामर्श के बाद तैयार किए गए हैं। इनके अनुसार, मेट्रो रेल सेवा, सिनेमा हॉल, जिम, स्विमिंग पूल, मनोरंजन पार्क, थिएटर, बार, सभागार, असेम्बली हॉल और ऐसी अन्य जगहें बंद रहेंगी। सामाजिक, राजनीतिक, मनोरंजन, खेलकूद, शैक्षिक, सांस्कृतिक और धार्मिक तथा अधिक भीड़-भाड़ वाले अन्य आयोजनों की अनुमति नहीं होगी। मंत्रालय ने कहा है कि भविष्य में इन्हें खोलने का निर्णय स्थिति का आकलन करने के बाद लिया जाएगा। संक्रमण-क्षेत्र से बाहर के क्षेत्रों में शेष सभी कार्य किए जा सकेंगे।

विद्यालयों, महाविद्यालयों और कोचिंग संस्थानों को जुलाई महीने में भी बंद रखने का निर्णय लिया गया है। अब रात का कर्फ्यू 10 बजे से सुबह पाँच बजे तक के लिए लागू होगा। जिन औद्योगिक इकाइयों में शिफ्टों में काम होता है, उनके लिए भी रात्रि-कालीन कर्फ्यू में ढील दी गई है। राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों पर आवागमन, सामानों की लदाई और उन्हें उतारने के अतिरिक्‍त बसों, रेलगाड़ियों और हवाई जहाजों से आने वालों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने के लिए भी कर्फ्यू में ढील दी गई है। घरेलू विमान सेवा और यात्री रेलगाड़ियों के सीमित संचालन की अनुमति पहले से ही है जिसे धीरे-धीरे बढ़ाया जाएगा।

दिशा-निर्देश के अनुसार, क्षेत्रों के हिसाब से दुकानों में, सुरक्षित दूरी के मानदंड का पालन करते हुए एक साथ पाँच से अधिक लोग रह सकते हैं। केंद्र और राज्य सरकारों के प्रशिक्षण संस्थान 15 जुलाई से खुल सकेंगे। कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग इसकी मानक प्रक्रिया अलग से जारी करेगा।

वंदे भारत मिशन के अंतर्गत सीमित अंतरराष्ट्रीय विमान सेवा उपलब्ध होगी।

दिशा-निर्देश के अनुसार, स्वास्थ्य मंत्रालय के दिशा-निर्देशों को ध्यान में रखते हुए, राज्य सरकारों को संक्रमित क्षेत्रों को स्पष्ट रुप से इंगित करना होगा ताकि कोरोना के प्रसार को रोका जा सके। ऐसे क्षेत्र में केवल आवश्यक कार्यों की ही अनुमति होगी। संबंधित ज़िलाधिकारी ऐसे संक्रमित क्षेत्रों की जानकारी वेबसाइट पर उपलब्ध कराएंगे और इसकी सूचना स्वास्थ्य मंत्रालय को भी दी जाएगी। संक्रमित क्षेत्र की निगरानी का काम राज्य सरकार का होगा। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय इस बात पर नज़र रखेगा कि ऐसे क्षेत्रों में दिशा-निर्देशों का पूरी तरह पालन हो रहा है या नहीं।

अनलॉक-2 के लिए जारी किए गए दिशा-निर्देशों के अनुसार राज्‍य और केन्‍द्रशासित प्रदेश परिस्थितियों का आकलन कर कंटेनमेंट ज़ोन के बाहर कुछ गतिविधियों पर जरूरत के अनुसार प्रतिबंध लगा सकते हैं। हालांकि राज्‍यों के अंदर और बाहर लोगों के आवागमन और वस्‍तुओं की आवाजाही पर कोई प्रतिबंध नहीं होगा। इस तरह की गतिविधियों के लिए किसी तरह की अनुमति या ई-परमिट की जरूरत नहीं होगी। इसके अलावा कोविड-19 के प्रबंधन के संबंध में जारी किए गए दिशा-निर्देश का अनुपालन जारी रहेगा, ताकि सामाजिक दूरी सुनिश्चित हो सके। दुकानों में ग्राहकों को भी सामाजिक दूरी का पालन सुनिश्चित करना होगा। राष्‍ट्रीय दिशा-निर्देशों के प्रभावी क्रियान्‍वयन की निगरानी गृह मंत्रालय द्वारा की जाएगी। वहीं 65 वर्ष से ऊपर के आयु के लोगों, अन्‍य बीमारियों से ग्रसित व्‍यक्तियों, गर्भवती महिलाओं और दस वर्ष से कम आयु के बच्‍चों को स्‍वास्‍थ्‍य और आवश्‍यक जरूरतों के अलावा घरों से बाहर नहीं निकलने की सलाह दी गई है। साथ ही आरोग्‍य सेतु ऐप के प्रयोग को प्रोत्‍साहित करने की भी बात कही गई है।

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