महाराष्ट्र में लगातार वर्षा से खड़ी फसलों को भारी नुकसान हुआ

महाराष्ट्र में, सांगली, सतारा और कोल्हापुर जिलों में लगातार वर्षा से खड़ी फसलों को भारी नुकसान हुआ है। केवल सांगली में दस हजार हेक्टेयर क्षेत्र में फसलों को नुकसान हुआ है। हमारे संवाददाता ने बताया है कि पिछले सप्ताह लगातार चार दिन तक बरसात के कारण कोल्हापुर जिले में 24 हजार 9 सौ 50 से अधिक किसान प्रभावित हुए।

महाराष्ट्र के सांगली, सतारा और कोल्हापुर जिलों में लगातार हुई बारिश के कारण अंगूर, ज्वार, गन्ना, केला, मक्का और सोयाबीन की फसल बुरी तरह प्रभावित हुई है। राज्य के कृषि और राजस्व विभाग फसलों को हुए नुकसान का आकलन करने के लिए पंचनामा करेंगे। सांगली जिले में, 123 गांव बारिश के कारण प्रभावित हुए हैं। सांगली जिले के पालक मंत्री जयंत पाटिल ने कहा कि जिन किसानों ने अपनी फसलों का बीमा कराया है, उन्हें संबंधित बीमा कंपनियों को हुए नुकसान की जानकारी देनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को पंचनामा के आकलन के बाद प्रस्ताव प्रस्तुत करने का भी निर्देश दिया है। भारी बारिश के कारण फसल के साथ-साथ जानवरों की हानि भी हुई हैं। कोल्हापुर में, 337 हेक्टेयर भूमि में फैली फसलों को नुकसान हुआ है। जिले में 24 हजार 950 किसानों को नुकसान हुआ है और फसलें बर्बाद हो गई हैं। इस बीच, मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे स्थिति का जायजा लेने के लिए कल सोलापुर जिले का दौरा करेंगे।

महाराष्ट्र बांध से पानी छोड़े जाने की वजह से भीमा नदी ऊपरी स्‍तर पर बह रही है। कलबुर्गी में भीमा और कागीना नदी में बाढ़ की स्थिति पैदा हो गई हैं। उड़चना गांव के 225 गांवों वालों को सुरक्षित लाया गया है। यहां 500 घर पानी में डूब गए हैं। 300 फीट ऊंचाई में गंगापुर संगम स्‍थल पर बनाया गया मंदिर भीमा नदी से डूब गया है। कलबुर्गी जिला वरिष्‍ठ अधिकारी वी.वी. जोत्सना जी ने जानकारी दी है कि 98 सेनानी राहत कार्य में जुट गए है। अफजलपुर, जेवरगी और शाहबाद में तीन टुकडि़यों में सेनानी राहत कार्य में जुटे हुए हैं। इनके साथ तीन टीम एनडीआरएफ, पुलिस, फायर और एसडीआरएफ के सदस्य भी काम कर रहे हैं। यादगीर में 42 गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। यहां भीमा नदी ने 6000 हेक्टेयर प्रदेश में खड़ी फसल को नुकसान पहुंचाने की खबर प्राप्‍त हुई है।

Related posts

Leave a Comment