लोकसभा और चार राज्‍यों के विधानसभा चुनावों की मतगणना बृहस्‍पतिवार को

सत्रहवीं लोकसभा के चुनाव के लिए मतदान सफलतापूर्वक सम्‍पन्‍न हो गया है। कल सातवें और अंतिम चरण में करीब 65 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। इसी के साथ लोकसभा की पांच सौ बयालिस सीटों के लिए आठ हजार उनचास उम्‍मीदवारों का राजनीतिक भविष्‍य सीलबंद हो गया है। लोग जबरदस्त वाक् युद्ध वाले इस चुनाव के परिणामों का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।

लोकसभा और चार राज्‍यों-ओडीसा, आंध्र प्रदेश, अरूणाचल प्रदेश और सिक्किम विधानसभा चुनाव के मतों की गिनती बृहस्‍पतिवार सुबह शुरू होगी।

इस बीच विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं की राजधानी दिल्ली में गतिविधियां तेज हो गई हैं। भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए के नेताओं ने स्पष्ट बहुमत मिलने का विश्वास व्यक्त किया है। दूसरी तरफ विपक्षी नेता खंडित जनादेश की स्थिति में केन्द्र में सरकार बनाने के लिए गैर एनडीए और एनडीए से अलग हुए दलों को एकजुट करने की तैयारी कर रहे हैं।

भाजपा अध्‍यक्ष अमित शाह कल नई दिल्‍ली में एनडीए के नेताओं से मिलेंगे और लोकसभा चुनाव के परिणामों के बाद की स्थिति पर चर्चा करेंगे। यह बैठक एनडीए के नेतृत्‍व में भाजपा के केन्‍द्र में दोबारा आने के चुनाव परिणाम पूर्व सर्वेक्षण के मद्देनजर की जा रही है।

भाजपा ने एनडीए के घटक दलों के अलावा किसी अन्य दल के साथ बड़े पैमाने पर चुनाव पूर्व गठबंधन नही किया है। कांग्रेस ने भी राष्ट्रीय स्तर पर गठबंधन से परहेज किया है। पार्टी ने यूपीए के सदस्यों के अलावा कुछ छोटी पार्टियों के साथ राज्य स्तरीय गठबंधन किय़ा है।

उत्तर प्रदेश में अखिलेश यादव की समाजवादी पार्टी, मायावती की बहुजन समाज पार्टी और अजित सिंह के राष्ट्रीय लोकदल ने वामपंथी दलों सहित अनेक दलों के साथ गठबंधन किया है। गैर एनडीए दलों को एकजुट करने का प्रयास भी जारी है ताकि एनडीए को बहुमत न मिलने की स्थिति में केन्द्र में सरकार बनाने का दावा पेश किया जा सके।

हालांकि विभिन्न एंजेसियों द्वारा कराए गए लगभग सभी चुनाव परिणाम पूर्व सर्वेक्षणों में एनडीए के स्पष्ट बहुमत के साथ सत्ता में वापसी का अनुमान व्यक्त किय़ा गया है, लेकिन उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल के परिणामों को लेकर अलग-अलग मत हैं। इन दोनों राज्यों में लोकसभा की कुल एक सौ बाईस सीटें हैं। अब यह देखना है कि खंडित जनादेश की स्थिति में क्या घटना क्रम होगा। ऐसी स्थिति में केन्द्र में नई सरकार के गठन में चुनाव बाद क्षेत्रीय दलों का गठबंधन महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

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