चक्रवात बुलबुल कल रात पश्चिम बंगाल पहुंचने के बाद आज तड़के बांग्लादेश की ओर बढ़ गया

बंगाल की खाड़ी से उठा जबरदस्‍त चक्रवात बुलबुल कल रात पश्चिम बंगाल पहुंचने के बाद आज तड़के बंगलादेश की ओर बढ़ गया । प्रारंभिक जानकारी के अनुसार तूफान से पश्चिम बंगाल में दो लोगों की मृत्‍यु हो गई। राज्‍य के उत्‍तरी और दक्षिण चौबीस परगना, पूर्वी और पश्चिमी मेदिनीपुर, हावड़ा, हुगली और कोलकाता जैसे कई स्‍थानों पर पेड़ उखड़ गए जबकि कई मकानों को नुकसान पहुंचा है। तूफान के असर से हुई भारी बारिश से कई इलाके पानी में डूब गए हैं। बंगलादेश में चक्रवाती तूफान बुलबुल से दो लोगों की मौत हो गई और 30 घायल हो गये हैं। तूफान से चार हजार से ज्‍यादा मकानों के क्षतिग्रस्‍त होने की भी खबर है।

प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने आज पूर्वी भारत के कई हिस्‍सों में च्रकवात की स्थिति और भारी बारिश के मद्देनजर स्थिति की समीक्षा की । उन्‍होंने च्रकवात बुलबुल के कारण उत्पन्न स्थिति के बारे में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री सुश्री ममता बनर्जी से भी बात की और केंद्र से हर संभव सहायता का आश्वासन दिया। राष्‍ट्रपति रामनाथ कोविंद ने चक्रवाती तूफान बुलबुल के कारण मारे गए लोगों के प्रति गहरा शोक व्‍यक्‍त किया है।

मौसम में सुधार के बाद पश्चिम बंगाल में स्थिति धीरे-धीरे सामान्‍य हो रही है। हमारे कोलकाता संवाददाता ने खबर दी है कि चक्रवात से फसलों को नुकसान हुआ है।

चक्रवाती बुलबुल से दक्षिण परगना के बक्खली, सागर, नामखाना, काकद्वीप और पूर्वी मिदनापुर जिले के दीघा, तमलुक, कंठी, रामनगर में तबाही हुई है। चक्रवात से फसलों को भारी नुकसान हुआ है। राहत और बहाली के काम की स्थिति का जायजा लेने के लिए प्रधानमंत्री कार्यालय और राज्‍य सरकार के बीच वी‍डियो कांफ्रेंसिंग से बात हुई। राज्य सरकार ने नुकसान का आकलन करने के लिए प्रभावित जिलों में टीम भेज रही है। राज्य ने सात जिलों में तूफान से प्रभावितों को मुआवजा देने का भी आश्वासन दिया।

ओडिशा में, जाजपुर, जगतसिंहपुर, केंद्रपाड़ा, भद्रक और बालासोर जिले तूफान की चपेट में आए हैं। वहां उखड़े हुए पेड़ों को हटाने के बाद आज सुबह तक बिजली की आपूर्ति और संचार सेवाएं बहाल कर दी गई है।

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