पूर्वमध्‍य अरब सागर के ऊपर चक्रवाती तूफान ‘वायु’: गुजरात तट के लिए चक्रवात अलर्ट

पूर्वमध्‍य अरब सागर के ऊपर आया चक्रवाती तूफान ‘वायु’ पिछले छह घंटों में 15 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उत्‍तर की ओर बढ़ा और आज 11 जून को भारतीय समय के अनुसार 0830 बजे गोवा के 350 किलोमीटर पश्चिम-दक्षिण पश्चिम, मुम्‍बई (महाराष्‍ट्र) के 510 किलोमीटर दक्षिण-दक्षिण पश्चिम और वेरावल (गुजरात) के 650 किलोमीटर लगभग दक्षिण में अक्षांश 15.0O उत्‍तर तथा देशान्‍तर 70.6O पूर्व में केन्द्रित हो गया। अगले 12 घंटों में चक्रवाती तूफान के गंभीर चक्रवाती तूफान में बदलने की आशंका है।

संभावना है कि चक्रवाती तूफान उत्‍तर की ओर बढ़ेगा तथा वेरावल और दीव क्षेत्र के आसपास पोरबंदर तथा महुआ के बीच गुजरात तट को 13 जून, 2019 को तड़के 110-120 किलोमीटर की रफ्तार से बढ़कर 135 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से भारी चक्रवाती तूफान में बदल जाएगा।

हवा की चेतावनी (चक्रवाती तूफान ‘वायु’):

  • 11 जून : 11 जून की शाम तक पूर्वमध्‍य अरब सागर के ऊपर हवा की गति 70-80 प्रति किलोमीटर की रफ्तार से बढ़कर 90 किलोमीटर प्रति घंटा हो सकती है और उत्‍तर महाराष्‍ट्र तट के पास और उससे दूर हवा की रफ्तार 50-60 किलोमीटर प्रति घंटे से बढ़कर 70 किलोमीटर प्रति घंटा हो सकती है। संभावना है कि हवा की रफ्तार लक्षद्वीप क्षेत्र केरल, कर्नाटक तथा दक्षिण महाराष्‍ट्र तटों के ऊपर 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़कर 60 किलोमीटर प्रति घंटे हो सकती है।
  • 12 जून : पूर्वमध्‍य तथा पड़ोसी उत्‍तर पूर्व अरब सागर के ऊपर 12 जून की रात्रि तक हवा की गति 110-120 किलोमीटर प्रति घंटे से बढ़कर 135 किलोमीटर प्रति घंटे हो सकती है। 12 जून को सुबह गुजरात तट के ऊपर  हवा की रफ्तार 60-70 किलोमीटर प्रति घंटे से बढ़कर 80 किलोमीटर प्रति घंटे हो सकती है और 12 जून को रात्रि तक हवा की गति 110-120 किलोमीटर प्रति घंटे से बढ़कर 135 किलोमीटर प्रति घंटे हो सकती है। महाराष्‍ट्र तट के ऊपर हवा की रफ्तार 50-60 किलोमीटर प्रति घंटे से बढ़कर 70 किलोमीटर प्रति घंटे होने की संभावना है।
  • 13 जून : सुब‍ह के समय उत्‍तर अरब सागर तथा गुजरात तट के ऊपर हवा की रफ्तार 110-120 किलोमीटर प्रति घंटे से बढ़कर 135 किलोमीटर प्रति घंटे हो सकती है और रफ्तार धीरे-धीरे कम हो सकती है। संभावना है कि उत्‍तर महाराष्‍ट्र तट तथा पूर्व मध्‍य अरब सागर के उत्‍तरी हिस्‍सों के ऊपर हवा की रफ्तार 50-60 किलोमीटर प्रति घंटे से बढ़कर 70 किलोमीटर प्रति घंटे हो जाएगी।

समुद्र की स्थिति (चक्रवाती तूफान ‘वायु’):

  • पूर्वमध्‍य अरब सागर के ऊपर 11 जून को समुद्र की स्थिति बहुत खराब से काफी कठिन हो सकती है। 12 जून की शाम से पूर्वमध्‍य तथा पड़ोसी उत्‍तर पूर्व अरब सागर तथा गुजरात तट के ऊपर समुद्री स्थिति गंभीर हो सकती है और 13 जून को उत्‍तर अरब सागर के ऊपर समुद्र की स्थिति बहुत खराब हो सकती है।
  • 11 जून को समुद्र की स्थिति लक्षद्वीप क्षेत्र, केरल, कर्नाटक तथा दक्षिण महाराष्‍ट्र तटों के ऊपर कठिन हो सकती है। 12 जून को महाराष्ट्र तट के पास तथा उससे दूर समुद्री स्थिति बहुत कठिन होगी और 13 जून को गुजरात, उत्‍तर महाराष्‍ट्र तट तथा पूर्वमध्‍य अरब सागर के उत्‍तरी भागों के ऊपर समुद्र की स्थिति काफी कठिन हो सकती है।

मछुआरों को चेतावनी (चक्रवाती तूफान ‘वायु’):

  • मछुआरों को सलाह दी गई है कि वे 11 जून को दक्षिण पूर्व अरब सागर लक्षद्वीप क्षेत्र केरल तथा कर्नाटक तटों से समुद्र में प्रवेश नहीं करें। 11 और 12 जून के लिए मछुआरों को सलाह दी गई है कि वे पूर्वमध्‍य अरब सागर और महाराष्‍ट्र तट के पास और दूर से समुद्र में प्रवेश न करें। मछुआरों को 12 और 13 जून के लिए सलाह दी गई है कि वे उत्‍तर पूर्व अरब सागर तथा गुजरात तट और उससे दूर समुद्र में न जाएं।

तूफान बढ़ने की चेतावनी (चक्रवाती तूफान ‘वायु’):

तूफान की ऊंचाई खगोलीय ज्‍वार से 1.0-1.5 मीटर अधिक होने के कारण कच्‍छ, दवारका, पोरबंदर,जूनागढ़, दीव, गीर सोमनाथ, अमरेली तथा भावनगर जिले के निचले इलाके तूफान के जमीन से टकराने के समय जलमग्‍न हो सकते है।

गुजरात के कच्‍छ, द्वारका, पोरबंद, जूनागढ़, दीव, गीर सोमनाथ, अमरेली तथा भावनगर जिलों में नुकसान की आशंका है और कार्रवाई के लिए सुझाव दिये गये हैं :

  1. छप्‍पर वाले घरों और झोपडि़यों को भारी नुकसान, छतें हवा में उड़ सकती हैं।
  2. विद्युत तथा संचार लाइनों को थोड़ा नुकसान
  3. कच्‍ची सड़कों को भारी नुकसान और पक्‍की सड़कों को कुछ नुकसान, निकलने वाले रास्‍तों में बाढ़।
  4. पेड़ की शाखाओं का टूटना, बड़े पेड़ों का उखड़ना, केला तथा पपीते के पेड़ों को साधारण नुकसान, पेड़ों से सूखे तनों का उड़ना,
  5. तटवर्ती फसलों को भारी नुकसान
  6. तटबंधों/नमक की खेत की क्‍यारियों को नुकसान

सुझाएं गये कदम :

  1. मछली मारने की कार्रवाई पूरी तरह स्‍थगित
  2. तटों पर झुग्गियों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्‍थानों पर पहुंचाना
  3. प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को घरों के अंदर रहने को कहना।
  4. मोटर-बोट गतिविधि असुरक्षित।

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