उच्‍चतम न्‍यायालय का कोरेगांव-भीमा मामले की जांच में हस्तक्षेप से इनकार, आनंद तेलतुम्बड़े के खिलाफ एफआईआर रद्द करने से भी इनकार

Supreme Court adjourned hearing of Ram Janmabhoomi controversy case till January 10

उच्‍चतम न्‍यायालय ने नागरिक अधिकार कार्यकर्ता आनंद तेलतुम्‍बड़े की एलगार परिषद् – कोरेगांव भीमा हिंसा में कथित भूमिका और माओवादियों के साथ उनके कथित संपर्क के बारे में पुणे पुलिस की एफआईआर को रद्द करने से इंकार कर दिया है। शीर्ष न्‍यायालय ने इस मामले में चल रही जांच में हस्‍तक्षेप करने से भी मना कर दिया है। लेकिन आनंद तेलतुम्‍बड़े को बंबई उच्‍च न्‍यायालय द्वारा गिरफ्तारी से दी गई अंतरिम राहत की अवधि चार सप्‍ताह के लिए बढ़ा दी है। शीर्ष न्‍यायालय ने कहा कि इस अवधि के भीतर तेलतुम्‍बड़े सक्षम अदालत से नियमित जमानत देने का अनुरोध कर सकते हैं।

21 दिसंबर को तेलतुम्‍बड़े ने एफआईआर को रद्द करने के लिए जो याचिका दायर की थी उसे बंबई उच्‍च न्‍यायालय ने खारिज कर दिया था लेकिन उन्‍हें अंतरिम राहत देते हुए तीन सप्‍ताह तक गिरफ्तार न करने का आदेश जारी किया था।

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