वित्‍तीय सेवा विभाग ने आयातकों और निर्यातकों को हो रही बैंकिंग और बीमा सम्बन्धी समस्याओं की समीक्षा की

वित्‍तीय सेवा विभाग के सचिव डॉ. विवेक जोशी ने एक बैठक में आयातकों और निर्यातकों को हो रही बैंकिंग और बीमा सम्बन्धी समस्याओं की समीक्षा की। नई दिल्‍ली में कल हुई बैठक में वित्त मंत्रालय, विदेश मंत्रालय और वाणिज्य विभाग के वरिष्‍ठ अधिकारी शामिल हुए।

वित्‍त मंत्रालय ने कहा है कि बैठक में ई-बैंक प्रापण प्रमाण-पत्र जारी करने में देर और बकाया ऋण पत्रों सहित विशेष मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया। इस दौरान बैंकों ने यह जानकारी दी कि नियामक निर्देशों के अनुपालन और उनके संबंध में आवश्‍यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के बाद उनकी ओर से व्यापारिक लेन-देन की सुविधा जारी रखी जा रही है।

इस संबंध में आवश्‍यक पक्रिया निर्वाध रूप से चलती रहे, यह सुनिश्चित करने के लिए बैंकों को ग्राहकों के साथ मिलकर अनुपालन संबंधी आवश्यक पहलुओं की जांच करके समस्याओं को तेजी से सुलझाने की सलाह दी गई।

डॉक्‍टर विवेक जोशी ने बैंकों को यह सलाह दी कि वे इन मामलों में आ रही समस्याओं का विभिन्‍न श्रेणियों में वर्गीकरण करें। उन्‍होंने यह भी संकेत दिया कि वे भारतीय रिजर्व बैंक की ओर से इस सिलसिले में आवश्यक नियामक दिशा-निर्देश प्राप्‍त करने में विचार कर सकते हैं। साथ ही वे भारतीय बैंक संघ के माध्‍यम से मानक संचालन प्रक्रिया विकसित करने पर भी विचार कर सकते हैं।

डॉ. जोशी ने बैंकों से यह भी अनुरोध किया कि वे वाणिज्‍य विभाग और निर्यात संवर्धन परिषदों के साथ तालमेल बैठाकर काम करें ताकि व्यापार में सुविधा हो और समस्याओं का जल्‍द से जल्‍द समाधान हो सके।