छोटे कारोबारियों को राहत देने के लिए वस्‍तु और सेवाकर-जीएसटी की छूट की सीमा दोगुनी

GST

छोटे कारोबारियों को राहत देने के उद्देश्‍य से वस्‍तु और सेवाकर परिषद ने, चालीस लाख रूपये तक के कारोबार को वस्‍तु और सेवाकर-जी एस टी के दायरे से बाहर रखने का निर्णय किया है। पूर्वोत्‍तर क्षेत्र के लिए यह सीमा 10 लाख रूपये से बढ़ाकर बीस लाख रुपये कर दी गई है। पहले पूरे देश में यह सीमा बीस लाख रूपये थी। आज नई दिल्‍ली में परिषद की बैठक के बाद संवाददाताओं से बातचीत में वित्‍त मंत्री अरूण जेटली ने कहा- फस्‍ट अप्रैल 2019 से कम्‍पोजिशन की जो इग्ज़ेम लिमिट है वो वन एण्‍ड हाफ करोड़ रूपीज तक होगी। वन करोड़ फिफ्टी लैक्‍स तक और क्‍योंकि कम्‍पोजिशन स्‍कीम का लाभ उठाने के लिए कई छोटे व्‍यवसायिक आए हैं, तो इसको बढ़ाने का एक यह लॉजिक था। डेढ करोड़ करने का एक दूसरा लॉजिक भी था कि पुरानी एक्‍साइज स्‍कीम में डेढ करोड़ तक उनको छूट थी एक्‍साइज से।

वित्‍त मंत्री अरूण जेटली ने कहा कि दोनों फैसलों से सूक्ष्‍म, लघु और मझोले कारोबार को फायदा होगा। उन्‍होंने कहा कि कम्‍पोजिशन योजना के अन्‍तर्गत आने वाले अब प्रत्‍येक तिमाही में कर का भुगतान करेंगे, लेकिन रिटर्न साल में केवल एक ही बार दाखिल करना होगा।

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