विदेश मंत्री डॉ. जयशंकर ने श्रीलंका के राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे मुलाकात की

विदेश मंत्री डॉक्‍टर सुब्रहमण्‍यम जयशंकर ने कहा है भारत कठिन समय में श्रीलंका के साथ खड़ा रहा है। उन्होंने कहा है कि भारत ने सक्रिय कदम उठाए हैं और किसी ऋणदाता की प्रतीक्षा किये बिना अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष को वित्तीय आश्वासन दिया है। श्रीलंका की अपनी आधिकारिक यात्रा के दौरान डॉ. जयशंकर ने कहा कि भारत एक विश्वसनीय पड़ोसी और भरोसेमंद साथी है जो हर परिस्थिति में साथ निभाता है। इस घोषणा के साथ ही भारत ऋण पुनर्गठन के लिए अंतर्राष्‍ट्रीय मुद्राकोष को आश्‍वासन देने वाला पहला ऋणदाता देश बन गया है। श्रीलंका अंतर्राष्‍ट्रीय मुद्राकोष से बेलआउट पैकेज प्राप्‍त करने का प्रयास कर रहा है।

इससे पहले डॉ. जयशंकर ने श्रीलंका के राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे मुलाकात की। भारतीय मूल के तमिलों की आवश्यकताओं पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता पर विमर्श किया गया।

विदेश मंत्री डॉक्‍टर सुब्रहमण्‍यम जयशंकर ने कहा कि भारत श्रीलंका के ऊर्जा, पर्यटन और बुनियादी ढांचे प्रमुख क्षेत्रों में अधिक निवेशकों को प्रोत्साहित करेगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि त्रिंकोमाली एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में उभरेगा और भारत इस तरह की पहल में श्रीलंका का समर्थन करेगा। विदेश मंत्री ने घोषणा की कि दोनों देश नवीकरणीय ऊर्जा ढांचे पर सैद्धांतिक रूप से सहमत हो गए हैं।

डॉ. जयशंकर ने सामाजिक आर्थिक विकास पर उच्च प्रभाव के सामुदायिक विकास कार्यक्रम पर समझौता ज्ञापन पर भी हस्ताक्षर किये।

श्रीलंका के विदेश मंत्री ने पिछले वर्ष समय पर दी गई सहायता के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद दिया। उन्होंने ऋण के पुनर्गठन की दिशा में दिए गए आश्वासन के लिए भी भारत का आभार व्यक्त किया।