महाराष्ट्र और हरियाणा विधानसभा का चुनाव प्रचार समाप्त, मतदान सोमवार को

महाराष्‍ट्र और हरियाणा विधानसभा चुनाव के लिए प्रचार आज शाम समाप्‍त हो गया। दोनों राज्‍यों में सोमवार को वोट डाले जायेंगे।

महाराष्‍ट्र विधानसभा की 288 सीटों के लिए प्रचार अभियान आज शाम समाप्‍त हो गया। चुनाव प्रचार के दौरान सभी राजनीतिक दलों ने जनता को अपने पक्ष में करने के लिए हरसंभव प्रयास किया। राज्‍य भर में 96 हजार 6 सौ 61 मतदान केंद्र बनाए गए है। महाराष्‍ट्र चुनाव में पहली बार मतदाता पुष्टि पर्ची का इस्‍तेमाल किया जाएगा।

महाराष्ट्र में 21 अक्टूबर को होने वाले मतदान के लिए राज्‍य की चुनाव व्‍यवस्‍था पूरी तरह से सजग है। राज्‍य में छह करोड़ 90 लाख से अधिक मतदाता अपने मताधिकार का उपयोग करने की उम्‍मीद है। चुनाव आयोग ने राज्य में 352 खास सखी पोलिंग बूथ स्थापित किए हैं, जिनका प्रबंध महिलाओं द्वारा किया जाएगा। इस तरह के बूथों में पुलिस और सुरक्षाकर्मियों सहित सभी चुनाव कर्मचारी महिलाएँ होंगी। प्रत्‍येक विधानसभा क्षेत्र में कम से कम एक और ज्‍यादा से ज्‍यादा तीन सखी मतदान केन्‍द्र स्‍थापित किए जाएंगे। इसके अलावा सभी मतदान केन्‍द्रों पर बुजुर्ग एवं दिव्‍यांग मतदाताओं के लिए व्हीलचेयर और रैंप प्रदान किए जा रहे हैं। मतदाताओं की सुविधा के लिए ब्रेल में मतदान केंद्रों पर सूचना पत्रक और मतदाता सूची भी तैयार की गई है। राज्य और केंद्रीय पुलिस बलों के तीन लाख से अधिक सुरक्षाकर्मियों को राज्य में सुव्‍यवस्‍था बनाए रखने के लिए तैनात किया जाएगा। विधानसभा चुनाव के साथ एकमात्र सातारा लोकसभा सीट के उपचुनाव के लिए भी वोट डाले जाएंगे।

हरियाणा में विधानसभा चुनाव के लिए राज्‍य से जुड़ी सीमाओं सहित पूरे प्रदेश में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। राज्‍य में उन्‍नीस हजार पांच सौ अठहत्‍तर मतदान केंद्र बनाए गए हैं।

कल सुबह से मतदान दलों की रवानगी शुरू हो जायेगी और कल शाम तक वे मतदान केंद्रों पर पहुंचकर सभी व्यवस्थायें सुनिश्चित कर लेंगे। चुनाव आयोग द्वारा 3000 संवेदनशील तथा 100 मतदान केंद्र अति संवेदनशील घोषित किये गये हैं। निर्वाचन आयोग ने मतदान में मतदाताओं की अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने और बाधा रहित मतदान सम्पन्न कराने के लिए कई नवाचार भी किये हैं।

राज्‍य के मुख्‍य चुनाव अधिकारी अनुराग अग्रवाल ने तैयारियों के बारे में जानकारी दी है। मुख्‍य चुनाव अधिकारी अनुराग अग्रवाल ने बताया है कि प्रचार के लिए बाहर से आए व्‍यक्तियों को निर्वाचन क्षेत्र छोड़ने का आदेश दिया गया है, ताकि निष्‍पक्ष और स्‍वतंत्र चुनाव सुनिश्चित किए जा सकें। उन्‍होंने कहा कि उम्‍मीदवार उनके एजेंट और उस निर्वाचन क्षेत्र के मतदाता को छोड़कर और कोई भी निर्वाचन क्षेत्र में नहीं ठहर सकता। उधर, प्रदेश में मतदान वाले दिन सार्वजनिक अवकाश रहेगा। सभी व्‍यापारिक प्रतिष्‍ठानों और औद्योगिक इकाइयों में काम करने वाले कर्मचारियों की भी संवेतन छुट्टी रहेगी।

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