उत्तर पूर्वी क्षेत्र स्थित तीन राज्यों के EMRS छात्रों ने राष्ट्रपति भवन के उद्यान उत्सव और विविधता का अमृत महोत्सव- 2024 में हिस्सा लिया

राष्ट्रीय आदिवासी छात्र शिक्षा समिति (एनईएसटीएस) ने उत्तर पूर्वी क्षेत्र स्थित तीन राज्यों- मणिपुर, सिक्किम और त्रिपुरा के एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों (ईएमआरएस) के 255 छात्रों व शिक्षकों के लिए नई दिल्ली में 8 से 12 फरवरी, 2024 तक एक शैक्षणिक भ्रमण का आयोजन किया है। इसके अलावा राष्ट्रपति भवन ने एनईएसटीएस के समन्वय से इन छात्रों को 8 फरवरी को राष्ट्रपति संग्रहालय और अमृत उद्यान देखने का अवसर प्रदान किया।

चूंकि, यह इन आदिवासी छात्रों के लिए पहला अवसर था, जब वे राजधानी दिल्ली का भ्रमण करने के साथ अमृत उद्यान और राष्ट्रपति भवन की सुंदरता का अनुभव कर रहे थे, इसे देखते हुए यह दौरा इनके लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि रहा है। दिल्ली की भव्यता के साक्षी अमृत उद्यान, राष्ट्रपति भवन और संग्रहालय के ऐतिहासिक महत्व ने छात्रों पर एक अमिट छाप छोड़ी, जिससे भारत की विविध सांस्कृतिक विरासत के बारे में उनकी समझ समृद्ध हुई। इसके अलावा इन छात्रों को भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के साथ एक स्मरणीय बातचीत करने का भी सम्मान मिला।

राष्ट्रपति भवन में विविधता का अमृत महोत्सव कार्यक्रम में ईएमआरएस छात्रों की भागीदारी भी उनके लिए एक नया और रोमांचकारी क्षण था। इस कार्यक्रम के दौरान सिक्किम, मणिपुर और त्रिपुरा के ईएमआरएस छात्रों को न केवल उत्तर पूर्व के इस महोत्सव में हिस्सा लेने का अवसर मिला, बल्कि उन्होंने विविधता का अमृत महोत्सव के उद्घाटन समारोह में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन भी किया। इस अवसर पर एनईएसटीएस के आयुक्त असित गोपाल और समिति के अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

समग्र विकास को बढ़ावा देने के क्रम में इन आदिवासी छात्रों ने 12 फरवरी, 2024 तक अपना शैक्षणिक भ्रमण किया। इसके तहत उन्होंने आदि महोत्सव और वैज्ञानिक, सांस्कृतिक व कलात्मक महत्व के स्थानों का दौरा किया। इस पहल का उद्देश्य उन्हें समृद्ध अनुभव प्रदान करना है, जो पारंपरिक कक्षा शिक्षण की सीमाओं से आगे बढ़कर एक सर्वांगीण विकास के मार्ग को प्रोत्साहित करता है।

यह छात्रों के लिए एक उल्लेखनीय यात्रा साबित हुई और उन्होंने आजीवन याद रहने वाली स्मरणीय पलों को सहेजा। इस कार्यक्रम को एक भारत- श्रेष्ठ भारत की भावना से आयोजित किया गया था। इसमें तीन राज्यों के छात्रों को एक-दूसरे के निकट आकर बातचीत करने के साथ-साथ अपने अनुभवों को साझा करने का अवसर मिला।