मकर संक्रांति, भोगाली, बीहू और पोंगल का त्योहार आज मनाया जा रहा है

आज मकर संक्राति है। उप राष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू ने मकर संक्रांति और पोंगल पर देशवासियों को शुभकामनाएं दी हैं। श्री नायडू ने कहा कि सूर्य देव को समर्पित मकर संक्रांति का त्यौहार उत्तरायण काल की शुरुआत का प्रतीक है।

असम में माघ या भोगाली बीहू का त्‍यौहार आज परम्‍परागत हर्षोल्‍लास से मनाया जा रहा है। फसल कटाई के बाद मनाए जाने वाले इस उत्‍सव में जीवन के सभी क्षेत्रों के लोगों ने हिस्‍सा लिया। मंत्रोच्‍चार के बीच, लकडी और घास-फूस से बनाए गए मेजी और भेलाघर जलाए गए। उरुका के अवसर पर कल रात सामुदायिक भोज आयोजित किए गए।

तमिलनाडु में आज पोंगल का त्‍यौहार परम्‍परागत हर्षोल्‍लास के साथ मनाया जा रहा है। इस दिन से थाई महीने की शुरूआत होती है। हमारे संवाददाता ने बताया है कि यह त्‍यौहार मुख्‍य रूप से फसल और खेती से जुड़ा है।

दक्षिण भारत में पोंगल त्योहार नई फसल के आने की खुशी में बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है। इस त्योहार को चार दिनों तक मनाया जाता है, जिसमें पहले दिन भेगी पोंगल, दूसरे दिन सूर्य पोंगल, तीसरे दिन मट्टू पोंगल और चौथे दिन कन्या पोंगल के रूप में मनाते हैं. इतना ही नहीं इस त्योहार को लोग नए साल के रूप में भी मनाते हैं। इस खास मौके पर पोंगल नाम का भोजन बनाया जाता है, जिसमें दूध, चावल, घी और गुड़ जैसी चीजों की मदद ली जाती है. इन भोजन को नए बर्तन में ही बनाना बहुत शुभ माना जाता है। त्योहार पर लोग नए-नए कपड़े तो पहनते ही हैं, साथ ही घरों में रंगोलियां भी बनाई जाती है. लेकिन इन दिनों कोरोना जैसी महामारी ने सभी त्योहारों को फींका कर दिया है और लोग घर में ही रहने के लिए आमादा है और ज्यादा तर अपना समय टीवी,मोबाइल और लैपटॉप पर ही बिता रहे हैं।

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