Future Group-Reliance deal: सीसीआई ने फ्यूचर ग्रुप रिलायंस रिटेल डील को मंजूरी दी

भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) ने प्रतिस्पर्धा अधिनियम, 2002 की धारा 31 (1) के तहत आज रिलायंस रिटेल वेंचर्स लिमिटेड (“आरआरवीएल”), रिलायंस रिटेल एंड फैशन लाइफस्टाइल लिमिटेड (“आरआरवीएल डब्लूओएस”) द्वारा फ्यूचर ग्रुप के खुदरा और थोक उपक्रम तथा लॉजिस्टिक्स और वेयरहाउसिंग उपक्रम के अधिग्रहण को मंजूरी दे दी है।

फ्यूचर समूह की निम्न संस्थाओं का फ्यूचर एंटरप्राइजेस लिमिटेड (एफईएल) के साथ विलय के माध्यम से पुनर्गठन किया जाएगा।

  • फ्यूचर कंज्यूमर लिमिटेड (एफसीएल);
  • फ्यूचर लाइफस्टाइल फैशन लिमिटेड (एफएलएफसएल);
  • फ्यूचर रिटेल लिमिटेड (एफआरएल);
  • फ्यूचर मार्केट नेटवर्क्स लिमिटेड (एफएमएनएल);
  • फ्यूचर सप्लाई चेन सलूशन लिमिटेड (एफएससीएसएल); और
  • फ्यूचर बाज़ार इंडिया लिमिटेड (एफआईएल) तथा इसकी सहायक कंपनियां।

हस्तांतरण करने वाली कंपनियों में कई सूचीबद्ध और असूचीबद्ध कंपनियां शामिल हैं, जो मुख्य रूप से खुदरा, थोक, लॉजिस्टिक्स और वेयरहाउसिंग का व्यवसाय करती हैं। ये व्यवसाय अखिल भारतीय स्तर पर संचालित होते हैं, तथा इनमें खाद्य और किराने, परिधान, जूते और सामान, अन्य व्यापारिक वस्तुओं आदि का खुदरा व्यवसाय संचालन शामिल हैं।

हस्तांतरण करने वाली कंपनियों के पुनर्गठन के बाद, आरआरवीएल और आरआरवीएल डब्लूओएस, एफईएल के खुदरा और थोक उपक्रम तथा लॉजिस्टिक और वेयरहाउसिंग उपक्रम का अधिग्रहण करेंगे।

रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड की सहायक कंपनी आरआरवीएल एक असूचीबद्ध कंपनी है। आरआरवीएल खुदरा आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधन का व्यवसाय करती है। आरआरवीएल की सहायक कंपनी रिलायंस रिटेल लिमिटेड भारत में खाद्य और किराना, उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स, परिधान, जूते और अन्य सामान जैसे क्षेत्रों में खुदरा कारोबार करती है।

आरआरवीएल डब्लूओएस, आरआरवीएल की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी है, जिसे हाल ही में प्रस्तावित संयोजन के भाग के रूप में आरआरवीएल डब्लूओएस में हस्तांतरित किए जाने वाले व्यवसायों समेत विभिन्न व्यवसाय करने के लिए निगमित किया गया है।

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