सरकार ने निर्यातकों को 68 हजार करोड़ रूपये तक की अतिरिक्‍त राशि देने के लिए प्राथमिक क्षेत्र ऋण के संशोधित नियमों का ऐलान

सरकार ने निर्यात को बढावा देने और आवासीय क्षेत्र में सुधार लाने के लिए आज अनेक उपायों की घोषणा की है। वित्‍तमंत्री निर्मला सीतारामन ने निर्यात को प्रोत्‍साहन देने के लिए वाणिज्यिक उत्पादों पर कर के बोझ को कम करने की एक नई योजना की घोषणा की। निर्यात को प्रोत्‍साहन देने के लिए पांच खरब रुपए खर्च किए जाएंगे। उन्‍होंने बताया कि वस्‍तु और सेवाकर जीएसटी में इनपुट टैक्‍स क्रेडिट का रिफंड देने के लिए पूर्ण रूप से स्‍वचालित इलेक्‍ट्रॉनिक व्‍यवस्‍था इस महीने के अंत तक लागू हो जाएगी।

प्रभावी तकनीक से निर्यात में लगने वाले समय में कमी आएगी और यह बहुत ही महत्‍वपूर्ण कदम है। आगे भी तकनीक का सहारा लिया जाएगा जिससे कि‍ बंदरगाहों पर लगने वाले समय की बचत हो।

वित्‍तमंत्री ने निर्यातको के लिये प्राथमिकता क्षेत्र ऋण के संशोधित नियमों की भी घोषणा की। इसके तहत तीन खरब 60 अरब रुपए से लेकर छह खरब 80 अरब रुपए तक की अतिरिक्‍त राशि की व्‍यवस्‍था की गई है।

वित्‍तमंत्री ने बताया कि दुबई शॉपिंग फेस्‍टि‍वल की तर्ज पर देश में चार स्‍थानों पर शॉपिंग फेस्‍टि‍वल आयोजित किए जाएंगे। इनमें मुख्‍य रूप से हस्‍तशिल्‍प, योग, पर्यटन, वस्‍त्र और चमड़ा उद्योग पर जोर दिया जाएगा।

वित्‍तमंत्री ने निर्माणधीन आवासीय परियोजनाओं को पूरा करने के लिए एक खरब रुपए की विशेष व्‍यवस्‍था करने की भी घोषणा की। यह राशि उन परियोजनाओं के लिए होगी, जिन पर राष्‍ट्रीय कम्‍पनी कानून ट्रिब्‍यूनल के तहत दिवालिया घोषित करने की कार्यवाही नहीं चल रही होगी। उन्‍होंने कहा कि सरकार को उम्‍मीद है कि इतनी ही राशि निजी निवेशकों की ओर से भी लगाई जाएगी।

किफायती और मध्‍यम आयवर्ग आवास के लिए विशेष व्‍यवस्‍था शुरू की गई है। इस व्‍यवस्‍था से गैर-एनपीए और गैर-एनसीएलटी से परे उन आवासीय परियोजनाओं के लिए आवश्‍यक धन की जरूरत पूरी होगी। जो मध्‍यम आयवर्ग के लोगों के लिए किफायती और लाभकारी हैं।

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