हरदीप सिंह पुरी ने जम्मू में तेल एवं प्राकृतिक गैस निगम (ONGC) द्वारा वित्त पोषित यात्री निवास की आधारशिला रखी

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विजन से प्रेरित होकर तेल एवं प्राकृतिक गैस निगम (ओएनजीसी) लिमिटेड, जम्मू के सिधरा में राष्ट्रीय आपदा न्यूनीकरण केन्द्र और यात्री निवास के निर्माण को वित्तपोषित कर रहा है। केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी और जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने आज जम्मू में इस केंद्र की आधारशिला रखी।

प्रत्येक वर्ष लाखों पर्यटक श्रीनगर और अमरनाथ की यात्रा करते हैं। बड़ी संख्या में पर्यटकों के आने से काफी समय से, विशेष रूप से जरूरतमंद पर्यटकों और तीर्थयात्रियों के लिए लॉजिस्टिक समस्याएं पैदा हो रही है। ओएनजीसी द्वारा वित्त पोषित यह यात्री निवास एक वर्ष में लगभग 30,000 पर्यटकों को आवास उपलब्ध कराकर इन लॉजिस्टिक समस्याओं का बड़े पैमाने पर समाधान करेगा, जिससे पर्यटकों और तीर्थयात्रियों की आवाजाही और बढ़ेगी।

ओएनजीसी आपदा प्रबंधन केंद्र आवास, स्वच्छता और स्वच्छ पेयजल जैसी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। यह महत्वपूर्ण जानकारी देने और आपातस्थिति के दौरान राहत उपाय करने के लिए भी एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में काम करेगा। इसके अतिरिक्त, यह यातायात प्रबंधन में योगदान देगा और जरूरतमंद पर्यटकों/तीर्थयात्रियों के लिए बोर्डिंग और आवास सुविधाओं पर विशेष ध्यान देते हुए एक सहज पर्यटक/तीर्थयात्रा अनुभव सुनिश्चित करेगा।

इसके अलावा, अकुशल, अर्ध-कुशल और कुशल श्रमिकों, कारीगरों, शिल्पकारों, दिहाड़ी मजदूरों, स्ट्रीट वेंडर्स और बुनकरों सहित स्थानीय लोगों को भी इन ओएनजीसी-निर्मित सुविधाओं के परिणामस्वरूप बढ़ी पर्यटकों की आवाजाही से पड़ने वाले सकारात्मक प्रभाव का अनुभव होगा।

राष्ट्रीय आपदा न्यूनीकरण केंद्र और यात्री निवास का निर्माण 1.84 एकड़ (8378 वर्ग मीटर) भूखंड पर किया जाएगा, जिसमें लगभग 1.875 एकड़ (8500 वर्ग मीटर) निर्मित क्षेत्र होगा। ओएनजीसी, अपने कॉर्पोरेट इंफ्रास्ट्रक्चर ग्रुप के माध्यम से, इस परियोजना के कार्यान्वयन की देखरेख करेगा, ताकि कॉर्पोरेट सामाजिक जिम्मेदारी (सीएसआर) के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को भी बरकरार रखते हुए इस केंद्र का निर्माण समय पर और पूरी कुशलता के साथ पूरा किया जा सके।

अपनी व्यापक कॉर्पोरेट सामाजिक जिम्मेदारी (सीएसआर) पहल के एक हिस्से के रूप में, ओएनजीसी ने इस परियोजना को सहायता प्रदान करने के लिए 51 करोड़ रुपये प्रदान करने का उदार संकल्प लिया है। भारत ऊर्जा महारत्न ओएनजीसी द्वारा वित्त पोषित यह महत्वपूर्ण उपक्रम, राष्ट्र की सेवा के लिए ओएनजीसी की अटूट प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है।

इस कार्यक्रम में ओएनजीसी के अध्यक्ष और मुख्य कार्यकारी अधिकारी अरुण कुमार सिंह और अन्य सम्मानित अतिथियों के साथ-साथ केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर और ओएनजीसी के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हुए।