लोकसभा में ऋण शोधन अक्षमता और दिवाला संहिता (द्वितीय) संशोधन विधेयक 2018 पारित

लोकसभा में ऋण शोधन अक्षमता और दिवाला संहिता (द्वितीय संशोधन) विधेयक- 2018 पारित हो गया है। इसविधेयक का उद्देश्य ऋण शोधन अक्षमता और दिवाला कानून-2016 में संशोधन करना है, ताकिकिसी रियल एस्टेट परियोजना के आवंटियों को ऋणदाता घोषित किया जा सके। इस विधेयक मेंऋणदाताओं की समिति द्वारा रोजमर्रा के कामकाज पर निर्णय लेते समय मतदान की नौबत आनेपर ऋणदाताओं की भागीदारी 75 प्रतिशत से घटाकर 51 प्रतिशत कर दी गई है। इस विधेयक मेंएन सी एल टी में दायर याचिका को वापस लेने का प्रावधान भी किया गया है।

वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने लोकसभा में यह विधेयक प्रस्‍तुतकरते हुये कहा कि बैंकों द्वारा दिये गये कर्ज कीवापसी भुगतान प्रक्रिया लंबित रहने के बाद अब देश को नया कानून मिला है।

इस सरकार ने अंतर्राष्‍ट्रीय स्‍तर पर भी इसके बारे में गहराईसे अध्‍ययन किया, स्‍टडी किया और पूरे विश्‍वभर में इंसोलवेंसी का जो प्रोसेस है, एकटाइम बाउंड समयबद्ध तरीके से कैसे बैंक ने एक्‍शन लेना चाहिए, कैसे ऐसेट्स की नीलामीहोनी चाहिए और उस नी‍लामी के माध्‍यम से कैसे अधिकांश पैसा बैंकों को मिले। इसको सुनिश्चितकरने के लिए ये इंसोलवेंसी एंड बैंकरप्सी कोड़ लाया गया।

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