भारत और चीन सीमावर्ती इलाकों से अपने-अपने सैनिकों की वापसी पर सहमत

भारत और चीन आपसी संबंधों के विकास के लिए सीमा पर शांति बहाली के लिए सहमत हो गए हैं। विदेश मंत्रालय ने बताया कि राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल और चीन के विदेश मंत्री वांग यी की रविवार को इस मुद्दे पर व्यापक विचार-विमर्श के बाद यह सहमति बनी। दोनों देश आपसी मतभेदों को विवाद में बदलने से रोकने और शांति बहाली के लिए दोनों देशों की सेनाओं के बीच वास्तविक नियंत्रण रेखा पर तनाव अतिशीघ्र और पूरी तरह से समाप्त करने पर भी सहमत हुए।

दोनों पक्ष सीमावर्ती इलाक़ों में तनाव को चरणबद्ध तरीक़े से समाप्त करने पर राजी हुए। उन्होंने इस बात पर सहमति व्यक्त की कि दोनों देश वास्तविक नियंत्रण रेखा का सम्मान करें और कोई भी पक्ष ऐसा कोई एकतरफा कदम न उठाए जिससे मौजूदा स्थिति में बदलाव हो। दोनों पक्ष सीमावर्ती इलाक़ों में शांति भंग करने वाली घटनाओं से बचने के लिए मिलकर काम करने पर भी सहमत हुए। सीमा पर पूरी तरह शांति कायम होने तक दोनों देशों के बीच बातचीत जारी रखने पर भी सहमति बनी।

चीन और भारत के कोर कमांडरों की बैठक में हुई सहमति के अनुसार, गलवान घाटी में चीन की सेना पीछे हटनें लगी है। सेना के सूत्रों ने बताया कि चीनी सेनाओं को पैट्रोलिंग पॉइंट-14 से तंबूओं और अन्‍य ढांचों को हटाते हुए देखा गया। हमारे संवाददाता ने बताया कि चीनी सेना के वाहनों की वापसी गलवान, हॉटस्प्रिंग और गोगरा में देखी गई। यह गतिविधियां 30 जून को चुशुल में कोर कमांडरों के बीच हुई सहमति के अनुसार है।

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