भारत और श्रीलंका ने आतंकवाद से निपटने में सहयोग बढ़ाने और व्‍यापार तथा निवेश संबंधों का विस्‍तार करने का फैसला किया

भारत और श्रीलंका ने आतंकवाद से निपटने में सहयोग बढ़ाने का फैसला किया है। प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने कल नई दिल्‍ली में श्रीलंका के प्रधानमंत्री महिन्‍दा राजपक्‍स के साथ बातचीत के बाद कहा कि आतंकवाद इस क्षेत्र की बड़ी समस्‍या है और दोनों देशों ने पूरी शक्ति से इसका मुकाबला किया है।

आतंकवाद हमारे क्षेत्र में एक बहुत बड़ा खतरा है। हम दोनों देशों ने इस समस्‍या को डटकर मुकाबला किया है। पिछले साल अप्रैल में श्रीलंका में ईस्‍टर-डे पर दर्दनाक और बर्बर आतंकी हमले हुए थे। यह हमले सिर्फ श्रीलंका पर ही नहीं पूरी मानवता पर भी आघात थे और इसलिए हमारे बातचीत में हमने आतंकवाद के खिलाफ अपना सहयोग और बढ़ाने पर चर्चा की। मुझे इस बात पर प्रसन्‍नता है कि भारत के प्रमुख ट्रेनिंग संस्‍थानों में आतंकवाद विरोधी कोर्सेज में श्रीलंका के पुलिस अधिकारियों ने हिस्‍सा लेना शुरू किया है। दोनों देशों की एजेंसीज के बीच संपर्क और सहयोग को और अधिक मजबूत करने के लिए भी हम प्रतिबद्ध हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने आशा व्‍यक्‍त की कि श्रीलंका सरकार तमिल लोगों की समानता, न्‍याय, शांति और सम्‍मान की आकांक्षाएं पूरी करेगी।

PM Narendra Modi 's press statement during the State visit of Sri Lankan PM Mahinda Rajapaksa to India

मुझे विश्‍वास है कि श्रीलंका सरकार यूनाइटेड श्रीलंका के भीतर समानता,न्‍याय, शांति और सम्‍मान के लिए तमिल लोगों की अपेक्षाओें को साकार करेगी। इसके लिए यह आवश्‍यक होगा कि श्रीलंका के संविधान में 13वें संशोधन को लागू करने के साथ-साथ रिकन्‍सीलेएशन की प्रक्रिया को आगे ले जाया जाए।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि श्रीलंका में स्थिरता, सुरक्षा और समृद्धि न केवल भारत बल्कि पूरे हिन्‍द महासागर क्षेत्र के हित में है।

प्रधानमंत्री मोदी और श्री राजपक्‍स ने बातचीत के दौरान व्‍यापक द्विपक्षीय संबंधों पर विचार-विमर्श किया तथा व्‍यापार और निवेश बढ़ाने का संकल्‍प लिया। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत श्रीलंका के विकास में भरोसेमंद साझेदार रहा है और आगे भी उसे सहयोग देता रहेगा। उन्‍होंने कहा कि पिछले वर्ष श्रीलंका के लिए घोषित ऋण सुविधा से दोनों देशों के बीच विकास सहयोग और मजबूत होगा। मछुआरों के मुद्दे पर श्री मोदी ने कहा कि दोनों देशों ने इस समस्‍या के समाधान के लिए मानवीय दृष्टिकोण अपनाने का फैसला किया है।

श्रीलंका के प्रधानमंत्री महिन्‍दा राजपक्‍स ने पड़ोसी प्रथम की नीति को प्राथमिकता देने के लिए प्रधानमंत्री मोदी का आभार व्‍यक्‍त किया। उन्‍होंने कहा कि भारत, श्रीलंका का निकट पड़ोसी और विश्‍वस्‍त मित्र रहा है तथा ऐतिहासिक सम्‍पर्क दोनों देशों के संबंधों की ठोस आधारशिला है।

राजपक्‍स पांच दिन की भारत यात्रा पर हैं। विदेश मंत्री सुब्रहमण्‍यम जयशंकर ने कल श्री राजपक्‍स से मुलाकात की। उन्‍होंने श्रीलंका को विकास, प्रगति और सुरक्षा के लक्ष्‍य में प्रभावी साझेदार बताया। पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के नेतृत्‍व में कांग्रेस पार्टी के प्रतिनिधिमंडल ने भी श्री राजपक्‍स से भेंट की।

श्रीलंका के प्रधानमंत्री कल शाम राष्‍ट्रपति रामनाथ कोविंद से मिले। वे वाराणसी, सारनाथ, बोधगया और तिरुपति सहित अन्‍य ऐतिहासिक और धार्मिक स्‍थलों पर जाएंगे।

प्रधानमंत्री बनने के बाद राजपक्‍स की यह पहली विदेश यात्रा है।

Related posts

Leave a Comment