भारत कार्बन फुटप्रिंट को 30 से 35 प्रतिशत तक कम करने के लक्ष्‍य के साथ आगे बढ रहा है: प्रधानमंत्री मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि कोरोना महामारी की वजह से विश्व के ऊर्जा क्षेत्र में व्यापक बदलाव दिखाई दे रहे हैं और इससे भारतीय ऊर्जा क्षेत्र में विकास, उद्यमिता और रोजगार के व्यापक अवसर उत्पन्न होंगे। आज गुजरात के गांधीनगर में पंडित दीन दयाल पेट्रोलियम विश्वविद्यालय के आठवें दीक्षान्त समारोह को वीडियो कांफ्रेस के जरिये संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत अपने कार्बन फुटप्रिंट में तीस से 35 प्रतिशत तक कमी करने के लक्ष्य के साथ आगे बढ रहा है।

आज देश अपने कार्बन फूटप्रिंट की तीस से पैंतीस प्रतिशत तक कम करने का लक्ष्‍य लेकर के आगे बढ़ रहा है। दुनिया के सामने जब मैं ये लेकर के गया तो अचरज था कि भारत ये कर सकता है। प्रयास ये है कि इस दशक अपनी ऊर्जा जरूरतों में नेचुरल गैस की हिस्‍सेदारी को हम चार गुणा तक बढ़ांएगें। देश की ओइल रिफाइरिंग कैपेसिटी को भी आने वाले पांच सालों में करीब करीब दो गुणा करने के लिए काम किया जा रहा है।

आज भारत में एनर्जी सेक्‍टर में ग्रोथ की, एंटरप्राइस स्प्रिट की, एम्‍पलॉयमेंट की, असीम संभावनाएं, यानि आप सभी सही समय पर, सही सेक्‍टर में पहुंचे। इस दशक में सिर्फ ओइल एंड गैस सेक्‍टर में ही लाखों, करोड़ रूपए का निवेश होने वाला है। इसलिए आपके लिए रिसर्च से लेकर मैन्‍यूफैक्‍चरिंग तक अवसर ही अवसर है।

गांधीनगर के पंडित दीनदयाल पेट्रोलियम विश्वविद्यालय के साथ अपने डेढ दशक के लगाव का जिक्र करते हुए श्री मोदी ने गुजरात सरकार से इस विश्वविद्यालय का दायरा बढाकर पेट्रोलियम के साथ साथ समूचे ऊर्जा क्षेत्र को इसमें शामिल करने का आग्रह किया।

बीते डेढ़ दशक में पीडीपीयू ने पेट्रोलियम सेक्‍टर के साथ-साथ पूरे एनर्जी स्‍पेक्‍ट्रम और अन्‍य क्षेत्रों में भी अपना विस्‍तार किया है और पीडीपीयू की प्रगति देखते हुए आज मैं गुजरात सरकार को भी अनुरोध करता हूं कि कानून में अगर आवश्‍यक हो, तो परिवर्तन करके इसको सिर्फ पेट्रोलियम यूनि‍वर्सिटी की बजाय अब इसको हम एक एनर्जी यूनिवर्सिटी के रूप में कन्‍वर्ट करें। उसका नाम, क्‍योंकि उसका रूप, दायरा बहुत विस्‍तार होने वाला है और आप लोगों ने इतने कम समय में जो कमाया है, जो देश को दिया है शायद एनर्जी यूनिवर्सिटी इसका विस्‍तार बहुत बड़ा लाभ देश को होगा।

इससे पहले प्रधानमंत्री ने पांच अत्याधुनिक सुविधाओं का वीडियो कांफ्रेंस के जरिए उदघाटन किया। इनमें गुजरात ऊर्जा विकास एजेंसी द्वारा 17 करोड रूपये की लागत से स्थापित 45 मेगावाट उत्पादन क्षमता वाला मोनो क्रिस्टेलाइन फोटो वोल्टेक पैनल भी शामिल है। प्रधानमंत्री ने विश्वविद्यालय के 22 करोड रूपये की निधि वाले टेक्नोलॉजी-कारोबारी इन्क्यूबेटर का भी शुभारंभ किया। उन्होंने गुजरात खेल प्राधिकरण द्वारा स्थापित 15 करोड रूपये की लागत से बने खेल परिसरों का भी उदघाटन किया। इसके अलावा उन्होंने हॉराइजन 2020 के अन्तर्गत औद्योगिक कचरे के निपटान और पानी का खारापन दूर करने से संबंधित अनुसंधान केन्द्र इंडिया एच टू ओ का भी उदघाटन किया जो यूरोपीय संघ के सहयोग से स्थापित किया गया है।

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