भारतीय तटरक्षक बल (ICG) ने आज नई दिल्ली में अपना 48वां स्थापना दिवस मनाया

भारतीय तटरक्षक बल (आईसीजी) ने 1 फरवरी, 2024 को नई दिल्ली में अपना 48वां स्थापना दिवस मनाया। यह कार्यक्रम इसके 1977 में एक मामूली शुरुआत से लेकर समुद्री सुरक्षा में एक जबरदस्त फोर्स बनने तक की उल्लेखनीय यात्रा के उत्सव के रूप में मनाया जाता है। अपने शस्त्रागार में 152 जहाजों और 78 विमानों के साथ, आईसीजी 2030 तक 200 सतह प्लेटफार्मों और 100 विमानों के अपने लक्षित फोर्स लेवल तक पहुंचने की राह पर है।

अपने आदर्श वाक्य “वयं रक्षामः” (हम रक्षा करते हैं) के तहत, आईसीजी ने अपनी स्थापना के बाद से 11,554 से अधिक लोगों की जान बचाई है, जिसमें वर्ष 2023 में 200 लोगों की जान की रक्षा भी शामिल है। सुरक्षा के प्रति इस प्रतिबद्धता ने आईसीजी को विश्व स्तर पर प्रसिद्ध कोस्ट गार्ड्स में से एक के रूप में स्थापित किया है।

भारत के समुद्री क्षेत्रों में 24×7 निगरानी बनाए रखते हुए, आईसीजी प्रतिदिन 50 से 60 जहाजों और 10 से 12 विमानों को तैनात करता है, जो ब्लू इकोनॉमी और सुरक्षित समुद्री परिवहन में सतत प्रगति के लिए मुक्त और सुरक्षित समुद्र सुनिश्चित करने के देश के लक्ष्य में योगदान देता है।

समुद्री सुरक्षा में उभरती चुनौतियों के जवाब में, आईसीजी ने समुद्री कानून प्रवर्तन को काफी मजबूत किया है, जिसके परिणामस्वरूप इसकी स्थापना के बाद से 15,343 करोड़ रुपये के हथियार, प्रतिबंधित पदार्थ और नशीले पदार्थों की जब्ती हुई है, जिसमें अकेले 2023 में 478 करोड़ रुपये जब्त किए गए हैं। सहयोगात्मक कार्रवाइयों ने तस्करों के खिलाफ प्रभावी प्रतिरोध पैदा किया है, जिससे प्रवेश लगभग असंभव हो गया है।

‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत अभियान’ को आगे बढ़ाते हुए, आईसीजी ने कई स्वदेशी जहाजों, विमानों और उपकरणों को शामिल किया है। प्रदूषण नियंत्रण जहाजों (पीसीवी) सहित निर्माणाधीन 21 जहाजों और विमानों की चल रही खरीद के साथ, आईसीजी अपनी परिचालन क्षमताओं में लगातार सुधार कर रहा है।

आईसीजी आठ डोर्नियर विमानों और छह मल्टी-मिशन समुद्री निगरानी विमानों की खरीद के माध्यम से परिचालन क्षमताओं को बढ़ा रहा है। मेसर्स एचएएल, कानपुर के साथ 17 आईसीजी डोर्नियर मिड-लाइफ अपग्रेड अनुबंध के हिस्से के रूप में आईसीजी विमानों के आधुनिकीकरण के लिए छह डोर्नियर विमानों को अत्याधुनिक सिस्टम/सेंसर के साथ अपग्रेड किया गया है। यह उल्लेखनीय है कि तटरक्षक बल की अधिकांश संपत्ति घरेलू स्तर पर निर्मित होती है और पूंजीगत बजट का लगभग 90% स्वदेशी परिसंपत्तियों के लिए आवंटित किया जाता है।

‘डिजिटल आर्म्ड फोर्स’ की दिशा में एक रणनीतिक कदम के रूप में रक्षा मंत्रालय और टीसीआईएल ने पेपरलेस ऑफिस के लिए सरकार के दृष्टिकोण के अनुरूप डिजिटल कोस्ट गार्ड (डीसीजी) मिशन के लिए एक परिवर्तनकारी समझौता किया है।

समुद्री पर्यावरण के मोर्चे पर, इंडियन एक्सक्लूसिव इकनॉमिक ज़ोन (ईईजेड) में तेल रिसाव से निपटने के लिए केंद्रीय समन्वय प्राधिकरण के रूप में आईसीजी ने यह सुनिश्चित किया है कि पिछले वर्ष भारतीय जल क्षेत्र में कोई बड़ी तेल रिसाव की घटना न हो। स्वच्छता पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दृष्टिकोण के अनुरूप ‘स्वच्छ सागर, सुरक्षित सागर’ और ‘पुनीत सागर अभियान’ अभियानों में स्वयंसेवकों ने बड़े पैमाने पर भागीदारी की।

पिछले वर्ष भारत सरकार द्वारा 195 पदों के सृजन को मंजूरी एक विश्वसनीय, भरोसेमंद और सर्वव्यापी समुद्री बल के रूप में आईसीजी की क्षमताओं को बढ़ाने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री ने समुद्री क्षेत्रों में देश के हितों को आगे बढ़ाने में भारतीय तटरक्षक बल की उल्लेखनीय भूमिका को मान्यता देते हुए उन्हें अपनी शुभकामनाएं और बधाई दी है।