कर्नाटक में राजनीतिक संकट और गहराया, कांग्रेस के दो और विधायकों का इस्‍तीफा

कर्नाटक में चल रहे राजनीतिक संकट ने आज उस समय अप्रिय रूप ले लिया जब विधानसभा अध्‍यक्ष को त्‍यागपत्र सौंपने के बाद लौटते समय कांग्रेस विधायक डॉक्‍टर के सुधाकर के साथ हाथापाई की गई।

कांग्रेस और बीजेपी नेताओं के बीच विधानसभा में हुए आमना-सामना, हाथापाई में बदलने की संभावना को पुलिस ने रोका। दो और कांग्रेस विधायकों के इस्‍तीफा, कांग्रेस नेताओं द्वारा डॉ सुधाकर को ले जाना, बीजेपी नेताओं का मंत्री के जे जॉर्ज के कमरे के आगे जमा होना। राजभवन के पास कांग्रेस-जेडीएस नेताओं का भाषण, इस सभी में राजनीतिक ईष्‍या का भाव छलक रहा था, जो 13 महीने पहले गठबंधन सरकार की स्‍थापना के साथ आरंभ हुआ।

भाजपा के प्रदेश अध्‍यक्ष बी एस येदियुरप्‍पा ने घटना की निंदा करते हुए राज्‍यपाल और बैंगलुरू पुलिस आयुक्‍त से डॉक्‍टर सुधाकर को संरक्षण देने को कहा। येदियुरप्‍पा ने कर्नाटक में चल रही राजनीतिक सरगर्मी के मद्देनजर राज्‍यपाल से जल्‍द से जल्‍द कार्रवाई करने का भी अनुरोध किया है।

मैंने अपने नेताओं के साथ राज्‍यपाल से अनुरोध किया है कि पहले ही विधायक अपने त्‍यागपत्र विधानसभा अध्‍यक्ष को दे चुके हैं। दो निर्दलीय विधायकों ने भी त्‍यागपत्र दे दिया है और उन्‍होंने भारतीय जनता पार्टी को समर्थन देने की बात कही है। अब संख्‍या घट गई है, इसलिए मैंने राज्‍यपाल से तत्‍काल कार्रवाई करने का अनुरोध किया है। अब मुख्‍यमंत्री कुमारस्‍वामी को पद पर बने रहने का नैतिक अधिकार नहीं रहा है।

कर्नाटक की गठबंधन सरकार के दो और कांग्रेसी विधायक एम. टी. बी. नागराज और डॉक्‍टर के. सुधाकर ने आज अपने त्‍याग-पत्र विधानसभा अध्‍यक्ष को सौंप दिए। इसे मिलाकर कांग्रेस और जनता दल सेक्‍युलर के इस्‍तीफा देने वाले विधायकों की संख्‍या बढ़कर सोलह हो गई है।

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