महाराष्ट्र और गुजरात में मोबाइल स्वास्थ्य सेवा ‘किलकारी’ और मोबाइल अकादमी का शुभारंभ

केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल और डॉ. भारती प्रवीण पवार ने आज गुजरात और महाराष्ट्र में स्थानीय लाभार्थियों के लिए एक मोबाइल स्वास्थ्य (एम-हेल्थ) पहल, किलकारी कार्यक्रम को वर्चुअली लॉन्च किया। इस दौरान मान्यता प्राप्त सामाजिक स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं (आशा) की जानकारियों को अपग्रेड करने, उन्हें जागरूक करने और उनके मोबाइल फोन के माध्यम से उनके संचार कौशल में सुधार करने के लिए डिज़ाइन किए गए एक निःशुल्क ऑडियो ट्रेनिंग कोर्स ‘मोबाइल अकादमी’ को भी लॉन्च किया गया। इस अवसर पर गुजरात के स्वास्थ्य मंत्री रुशिकेश पटेल भी उपस्थित थे।

लॉन्च पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए, डॉ. भारती प्रवीण पवार ने एम-हेल्थ पहल के लॉन्च को माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मानव जाति के लाभ के लिए टेक्नॉलजी के इस्तेमाल पर आधारित एक डिजिटल हेल्थ इंडिया दृष्टिकोण को ध्यान में रखते हुए देश में स्वास्थ्य क्षेत्र में तीव्र गति से हो रहे परिवर्तन से जोड़ा।

‘किलकारी’ कार्यक्रम को शुरू करने में उनके योगदान के लिए हेल्थ केयर प्रफेशनल्स, विशेष रूप से फ्रंट लाइन हेल्थ वर्कर्स की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि कार्यक्रम का लक्ष्य लक्षित लाभार्थियों को मां, नवजात एवं बाल स्वास्थ्य देखभाल के बारे में आईवीआरएस के माध्यम से साप्ताहिक सेवाएं, समय पर सुलभ, सटीक और जरूरी 72 ऑडियो संदेश प्रदान करना है।

इस अवसर पर बोलते हुए, प्रोफेसर एसपी सिंह बघेल ने कहा, “किलकारी कार्यक्रम का शुभारंभ भारत की बढ़ती मोबाइल फोन पहुंच का लाभ उठाकर सार्वजनिक स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे को प्राथमिकता देने और नागरिक केंद्रित स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की सरकार की प्रतिबद्धता के अनुरूप है।”

इस बात पर प्रकाश डालते हुए कि “केवल एक स्वस्थ माँ ही एक स्वस्थ बच्चे को जन्म दे सकती है”, प्रोफेसर बघेल ने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री के नेतृत्व में, केंद्र सरकार ने महिलाओं के स्वास्थ्य और कल्याण को सुनिश्चित करने की दिशा में कई कदम उठाए हैं।

केंद्रीय मंत्रियों ने लॉन्च में शामिल सभी हितधारकों के प्रयासों की भी सराहना की और कार्यक्रम को और मजबूत करने के लिए हितधारकों से सुझाव आमंत्रित किए।

गुजरात के स्वास्थ्य मंत्री रुशिकेश पटेल ने दोनों पहलों की शुरुआत के लिए केंद्र सरकार को धन्यवाद दिया। उन्होंने इस बात पर भी प्रकाश डाला कि गुजरात में 95 प्रतिशत से अधिक प्रसव अब संस्थागत होते हैं जिससे माताओं और बच्चों दोनों के लिए सुरक्षित प्रसव हो रहा है।

किलकारी

‘किलकारी’ (जिसका अर्थ है ‘एक बच्चे की गूंज’), एक केंद्रीकृत इंटरैक्टिव वॉयस रिस्पॉन्स (आईवीआर) आधारित मोबाइल स्वास्थ्य सेवा है जो गर्भावस्था के तीन महीने के बाद से लेकर बच्चे के एक वर्ष का होने तक गर्भावस्था, प्रसव और बच्चे की देखभाल के बारे में मुफ्त, साप्ताहिक, समय-उपयुक्त 72 ऑडियो संदेश सीधे परिवारों के मोबाइल फोन पर पहुंचाती है।

जो महिलाएं महिला की एलएमपी (अंतिम मासिक धर्म) या बच्चे की जन्मतिथि (जन्म तिथि) के आधार पर प्रजनन बाल स्वास्थ्य (आरसीएच) पोर्टल में पंजीकृत हैं, उन्हें गर्भवती महिला (एक वर्ष से कम उम्र के बच्चों वाली महिलाएं और माताओं) के मोबाइल फोन पर सीधे पूर्व-रिकॉर्ड की गई ऑडियो सामग्री के साथ एक साप्ताहिक कॉल प्राप्त होती है। किलकारी ऑडियो संदेश डॉ. अनीता नामक एक काल्पनिक डॉक्टर चरित्र की आवाज़ के रूप में मौजूद हैं।

किलकारी कार्यक्रम सभी राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों के लिए केंद्रीय रूप से स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा आयोजित किया जाता है और राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों को प्रौद्योगिकी, टेलीफोनी बुनियादी ढांचे या परिचालन लागत में कोई अतिरिक्त निवेश वहन करने की आवश्यकता नहीं होती है। यह सेवा राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों और लाभार्थियों के लिए निःशुल्क है। यह कार्यक्रम सेवा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के केंद्रीकृत प्रजनन बाल स्वास्थ्य (आरसीएच) पोर्टल के साथ एकीकृत है और इस mHealth सेवा के लिए जानकारी का एकमात्र स्रोत है।

मोबाइल अकादमी एक निःशुल्क ऑडियो ट्रेनिंग कोर्स है जिसे मान्यता प्राप्त सामाजिक स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं (आशा) की जानकारियों को बढ़ाने और उन्हें अपग्रेड करने और उनके मोबाइल फोन के माध्यम से उनके संचार कौशल में सुधार करने के लिए डिज़ाइन किया गया है, जो लागत प्रभावी और कुशल दोनों है। यह एक ऐसा कोर्स है जो मोबाइल फोन के माध्यम से कभी भी, कहीं भी एक साथ हजारों आशाओं को प्रशिक्षित कर सकता है।

वर्तमान में किलकारी 18 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों अर्थात् आंध्र प्रदेश, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, असम, बिहार, छत्तीसगढ़, चंडीगढ़, दिल्ली, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू और कश्मीर, झारखंड, मध्य प्रदेश, ओडिशा, राजस्थान, त्रिपुरा, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल और उत्तराखंड में लागू किया जा रहा है। वहीं मोबाइल अकादमी छह भाषाओं हिंदी, भोजपुरी, उड़िया, असमिया, बंगाली और तेलुगु में चंडीगढ़ को छोड़कर 17 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में चालू है।