स्वास्थ्य मंत्रालय ने संगरोध के लिए निजी होटलों, लॉज और सर्विस अपार्टमेंट में ठहरने के लिए दिशा-निर्देश जारी किए

नई दिल्ली: केन्‍द्रीय स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय ने विदेश से लौटने वाले व्‍यक्तियों, संदिग्‍ध या संक्रमण की पुष्टि वाले लोगों के संगरोध के लिए निजी होटल, सर्विस अर्पाटमेंट और लॉज के उपयोग के बारे में अतिरिक्‍त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। कोविड-19 के असर के कारण होटल, सर्विस अपार्टमेंट और लॉज बड़ी संख्‍या में खाली पड़े हैं और जिन लोगों के पास घर में रहने की पर्याप्‍त व्‍यवस्‍था नहीं है वे ऐसे केन्‍द्रों में रह सकते हैं। इससे परिवार पर दबाव कम होगा, संबंधित व्‍यक्ति को सहूलियत होगी तथा परिवार के सदस्‍यों और आस-पड़ोस की संक्रमण से सुरक्षा होगी।

दिशा-निर्देशों के अनुसार पृथकवास और आइसोलेशन केन्‍द्र, एक साथ नहीं होंगे। केन्‍द्र के मालिक के पास विकल्‍प होगा कि वह अपना स्‍थल इन दोनों व्‍यवस्‍थाओं में से किसी एक के लिए दे सकेगा। इन केन्‍द्रों में अटैच्‍ड वाशरूम के साथ एक कमरे की व्‍यवस्‍था होगी। राज्‍य सरकार के परामर्श से इसका किराया और सेवा प्रभार तय किया जाएगा। दिशा-निर्देशों में कहा गया है कि कोरोना संक्रमण के आरम्भिक या हलके लक्षणों वाले लोगों को आइसोलेशन केन्‍द्र में रखा जाएगा। इन केन्‍द्रों को संदिग्‍ध और संक्रमण की पुष्टि वाले लोगों को अलग-अलग रखने की व्‍यवस्‍था रखनी होगी तथा सुनिश्चित करना होगा कि इन दोनों श्रेणियों में कोई आपसी सम्‍पर्क न हो।

संघरोध केन्‍द्र के मालिक को चौबीसों घंटों के लिए प्रशिक्षित डॉक्‍टर और नर्स की व्‍यवस्‍था रखनी होगी। संबंधित डॉक्‍टर जिला निगरानी अधिकारी को इन केन्‍द्रों में रखे गए लोगों की सूची तथा उनके स्‍वास्‍थ्‍य स्थिति की जानकारी उपलब्‍ध कराएंगे। ऐसे केन्‍द्रों को भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद के दिशा-निर्देशों के अनुसार नमूनों के परीक्षण के लिए स्‍वीकृत प्रयोगशाला से सम्‍पर्क रखना होगा। पृथकवास और आइसोलेशन में रखे गए लोगों को किसी भी आगन्‍तुक से मिलने की अनुमति नहीं होगी। हालांकि वे फोन पर बातचीत कर सकते हैं। उन्‍हें वाई-फाई सुविधा उपलब्‍ध कराई जाएगी और सुनिश्चित किया जाएगा कि वे अपने मोबाइल पर आरोग्‍य सेतु ऐप डाउनलोड करें।

Related posts

Leave a Comment