शीत युद्ध के बाद नाटो का सबसे बड़ा सैन्य अभ्यास शुरू हुआ

शीत युद्ध के बाद नैटो का सबसे बडा सैन्‍य अभ्‍यास शुरू हुआ है। 70 वर्षों से अधिक समय में यूरोपीय धरती पर यूक्रेन पर रूस के सबसे घातक युद्ध शुरू होने के बाद यह अभ्यास एक महत्वपूर्ण कदम है। नैटो के प्रवक्‍ता मैथियास आइचेनलाब ने कहा कि नैटो ने 1988 के बाद सबसे बडा सैन्‍य अभ्‍यास शुरू किया है। इसमें उत्‍तर एटलांटिक और यूरोप के नब्‍बे हजार सैनिक भागीदारी कर रहे हैं। यह अभ्‍यास नाटो की क्षेत्रीय योजनाओं के कार्यान्‍वयन का पूर्वाभ्‍यास है। दशकों बाद इस गठबंधन ने पहली रक्षा योजना की रूपरेखा तैयार की है। इसके तहत रूसी हमले के विरूद्ध गठबंधन की जवाबी कार्रवाई की विस्‍तृत योजना बनाई गई है। अमेरिका और नाटो के सहयोगी देश स्टिडफास्‍ट डिफेंडर 2024 अभ्‍यास में भागीदारी कर रहे हैं। यह अभ्‍यास मई महीने तक जारी रहेगा। इस अभ्‍यास में 133 टैंक और 533 इंफैंट्री लड़ाकू वाहन सहित विमान वाहक और विध्‍वंसक हथियारों वाले पचास पोत, 80 से अधिक लड़ाकू विमान, हेलि‍कॉप्‍टर और ड्रोन तथा कम से कम एक हजार एक सौ लड़ाकू वाहन शामिल होंगे।

नाटो ने अपनी घोषणा में रूस का उल्‍लेख नहीं किया है। लेकिन इसका सामरिक दस्‍तावेज नाटो के सदस्‍यों की सुरक्षा के लिए सीधे तौर पर सबसे बड़े खतरे के रूप में रूस को चिन्हित करता है। रूस के उप विदेश मंत्री एलेक्‍जेंडर ग्रुशको ने सरकारी न्‍यूज एजेंसी को बताया कि नाटो का स्टिडफास्‍ट डिफेंडर 2024 अभ्‍यास शीत युद्ध योजनाओं के प्रति गठबंधन की अखंडनीय वापसी के संकेत को प्रतिबिम्बित करता है।