एनआईसी और सीबीएसई इंजीनियरिंग ग्राफिक पाठ्यक्रम के छात्रों और शिक्षकोंको सम्‍पूर्ण इंजीनियरिंग समाधान प्रदान करने के लिए आज “कोलैबकैड” सॉफ्टवेयर को लॉन्च करेंगे

इलेक्‍ट्रॉनिक्‍स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अंतर्गत राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केन्‍द्र (एनआईसी), केन्‍द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसईे) औरशिक्षा मंत्रालय के साथ संयुक्त रूप से कोलैबकैडसॉफ़्टवेयरको लॉन्च कर रहा है, कंप्यूटर-सक्षम सॉफ़्टवेयर प्रणाली- कोलैबकैड एक सहयोगी नेटवर्क है, जो छात्रों और इंजीनियरिंग ग्राफिक्स पाठ्यक्रम के शिक्षकों के लिए 2डीड्राफ्टिंग और डिटेलिंग से लेकर 3डी प्रोडक्‍ट डिजाइन प्रदान कर रहा है।

राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केन्‍द्र (एनआईसी), सीबीएसई, और अटल इनोवेशन मिशन (एआईएम), नीति आयोगभी संयुक्त रूप से कोलैबकैड3डीमॉडलिंग पर एक विस्‍तृत ई-पुस्तक जारी करेगा। यह ई-बुक 1.0 कोलैबकैडपोर्टल के माध्यम से सार्वजनिक रूप से जारी होने के लिए तैयार है और यह कोलैबकैडसॉफ़्टवेयर को समझने और उसका उपयोग करने के लिए कैडछात्रों, इंजीनियरिंग ग्राफिक्स के क्षेत्र में कदम रखने वाले लोगों और पेशेवरों का मार्गदर्शन करेगा। एनआईसी, नई दिल्ली काकोलैबकैडग्रुप द्वारा इसका डिज़ाइन और अविष्‍कार किया गया है।

इस पहल का उद्देश्य पूरे देश में छात्रों को रचनात्मकता और कल्पना के मुक्त प्रवाह के साथ 3डी डिजिटल डिजाइन बनाने और उसमें नयापन लाने के लिए एक शानदार मंच प्रदान करना है। यह सॉफ़्टवेयर छात्रों को पूरे नेटवर्क में डिज़ाइनोंमें सहयोग करने और साथ-साथ संग्रहण और कल्‍पना के लिए उस डिजाइन के डेटा तक पहुंचने में सक्षम करेगा।

सीबीएसई के अध्यक्ष, श्री मनोज आहूजा के नेतृत्व में, आईएएसकक्षा XI और XII के लिए सीनियर स्कूल स्तर पर इंजीनियरिंग ग्राफिक्स के लिए कोलैबकैडसॉफ्टवेयर (विषय कोड 046) की शुरुआत करेगा। कोलैबकैडसॉफ्टवेयर का उपयोग विभिन्न प्रकार के 3डी डिज़ाइन और 2डीड्राइंग बनाने के लिए विषय पाठ्यक्रम के भाग के रूप में व्यावहारिककार्य के लिए किया जाएगा। देश भर के लगभग 140 से ज्‍यादा स्कूलों और मध्य पूर्व(सीबीएसई, नई दिल्ली से संबद्ध)के छात्रों को इस सॉफ्टवेयर तक पहुंच प्राप्त होगी, जिसे इंजीनियरिंग ग्राफिक्स की व्यावहारिक परियोजनाओं और अवधारणाओं को समझने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।

सीबीएसई संबद्ध स्कूलों के छात्रों और इंजीनियरिंग ग्राफिक्स शिक्षकों को कोलैबकैडसॉफ्टवेयर सहायता और प्रशिक्षण के लिए एनआईसी और सीबीएसई इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सचिव, श्री अजय साहनी, की उपस्थिति में 10 (दस) वर्ष की अवधि के लिएएक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर करेंगे। इस समझौता ज्ञापन का उद्देश्य कोलैबकैडसॉफ्टवेयर के आस-पास मानव संसाधन और कौशल विकसित करना और छात्रों वशिक्षकों के बीच कोलैबकैडसॉफ्टवेयरको लोकप्रिय बनाना है।

राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केन्‍द्र (एनआईसी),इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय की महानिदेशकडॉ. नीता वर्मा, और मिशन निदेशक-अटल इनोवेशन मिशन (एआईएम), नीति आयोग के श्री आर. रमणन, अटल टिंकरिंग लैब (एटीएल) सामुदायिक दिवस के साथ इसकी शुरुआत करेंगे। इसे देश भर के 5,000 से अधिक स्कूलों के छात्रों के लिए ‘टिंकर फ्रॉम होम’अभियान की आवश्यकताओं के अनुरूप जारी किया गया था। कोलैबकैडज्यामितीय मॉड्यूल का उपयोग करके 3डीडिजिटल मॉडल बनाने के लिए छात्रों के लिए जारी करने के दो दिन बाद एआईएमद्वारा कोलैबकैड3डीडिजाइन चैलेंज की घोषणा की गई। प्रतिक्रिया उत्साहजनक थी, और चुनौती के परिणाम जुलाई में घोषित किए गए थे।

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