बिहार में नीतीश सरकार ने राज्य विधानसभा में विश्वास मत हासिल किया

बिहार में नीतीश कुमार के नेतृत्व में राष्‍ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन सरकार ने राज्य विधानसभा में विश्वास मत जीत लिया। विपक्षी गठबंधन के विधायकों ने विश्‍वास मत के दौरान सदन से वॉकआउट किया। राष्‍ट्रीय जनता दल के 3 विधायक — चेतन आनंद, नीलम देवी और प्रह्लाद यादव सहित 129 विधायकों ने नीतीश कुमार सरकार के पक्ष में मतदान किया।

243 सदस्यों के सदन में जनता दल-यूनाइटेड के एक विधायक ने मतदान में हिस्सा नहीं लिया। विश्वास मत के दौरान सदन की कार्यवाही का संचालन उपाध्‍यक्ष महेश्वर हजारी ने किया।

विश्वास मत के पक्ष में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि राष्‍ट्रीय जनता दल के बिहार में विकास की राह में बाधा डालने के कारण उन्‍हें महागठबंधन में कठिनाई हो रही थी।

इससे पहले, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा विधानसभा में प्रस्‍तुत विश्वास मत के प्रस्ताव पर संक्षिप्त चर्चा हुई। चर्चा में सत्तारूढ़ और विपक्षी सदस्यों ने भाग लिया।

चर्चा के दौरान पूर्व उपमुख्यमंत्री और राष्‍ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की कड़ी आलोचना की। उन्‍होंने कहा कि नीतीश कुमार का नेतृत्व अविश्वसनीय है।

उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा ने राष्‍ट्रीय जनता दल पर वंशवाद और भ्रष्टाचार की राजनीति को संरक्षण देने का आरोप लगाया।

इससे पहले राष्‍ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन द्वारा निवर्तमान अध्यक्ष अवध बिहारी चौधरी के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव को सदन में स्वीकार कर लिया गया। राष्‍ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की ओर से 125 सदस्यों ने प्रस्ताव का समर्थन और 112 सदस्यों ने इसका विरोध किया। इसके अलावा एक अप्रत्याशित घटनाक्रम में राष्‍ट्रीय जनता दल के 3 सदस्यों ने सदन में नीतीश सरकार का समर्थन किया। राष्‍ट्रीय जनता दल, कांग्रेस और वाम दलों ने इसका विरोध किया।

इससे पहले, राज्य विधानमंडल का बजट सत्र आज सवेरे विधानसभा के केंद्रीय कक्ष में बिहार विधानमंडल की संयुक्त बैठक में राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर के अभिभाषण के साथ शुरू हुआ।