नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली NDA सरकार आज बिहार-विधानसभा में विश्‍वास-प्रस्‍ताव का सामना करेगी

बिहार में आज नीतीश सरकार बजट-सत्र के पहले दिन विधान सभा में विश्वास-प्रस्ताव का सामना करेगी। एनडीए-गठबंधन को बहुमत साबित करने के लिये 243 सदस्यों के सदन में 122 विधायकों का समर्थन चाहिये। भारतीय जनता पार्टी और जनता दल यूनाइटेड के नेतृत्व वाले गठबंधन ने 28 जनवरी को सरकार गठन के दिन राज्यपाल को 128 सदस्यों के समर्थन का पत्र सौंपा था।

बजट-सत्र आज सुबह साढ़े 11 बजे दोनों सदनों की संयुक्त बैठक में राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर के अभिभाषण के साथ शुरू होगा। विधायी कार्य मंत्री विजय कुमार चौधरी ने बताया कि राज्यपाल के संबोधन के बाद सदन में पहले विधानसभा अध्‍यक्ष अवध बिहारी चौधरी के खिलाफ एनडीए सदस्‍यों के अविश्‍वास प्रस्‍ताव पर चर्चा होगी। श्री चौधरी राष्‍ट्रीय जनता दल से हैं। मौजूदा अध्‍यक्ष ने एनडीए सरकार के गठन के बावजूद इस्‍तीफा देने से इंकार कर दिया था।

विधायकों की खींचतान के दावों-प्रतिदावों के बीच एनडीए और विपक्षी महागठबंधन ने अपने विधायकों को एकजुट रखने के उपाय किए हैं। जनता दल यूनाइटेड और भारतीय जनता पार्टी ने अपने विधायकों को कल शाम बैठक के बाद एक निजी होटल में भेज दिया। राष्‍ट्रीय जनता दल, वाम दल और कांग्रेस के सदस्‍य पूर्व उप मुख्‍यमंत्री तेजस्‍वी प्रताप यादव के आवास पर हैं। जनता दल यूनाइटेड प्रमुख और मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार ने कल शाम पार्टी विधायकों की बैठक में उन्‍हें आज अपनाई जाने वाली रणनीति से अवगत कराया।

भारतीय जनता पार्टी के वरिष्‍ठ नेता और केन्‍द्रीय मंत्री नित्‍यानंद राय ने कहा कि एनडीए आसानी से विश्‍वास मत जीतेगा। इस बीच विधानसभा परिसर तथा मुख्‍यमंत्री और आरजेडी नेताओं के आवास के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

243 सदस्‍यों की विधानसभा में भारतीय जनता पार्टी 78, जेडीयू के 45 और हिन्‍दुस्‍तानी अवाम मोर्चा के चार सदस्‍य हैं। एक निर्दलीय विधायक भी एनडीए में शामिल है।दूसरी तरफ, राष्‍ट्रीय जनता दल और कांग्रेस के नेतृत्‍व वाले महागठबंधन को 114 विधायकों का समर्थन प्राप्‍त है। राष्‍ट्रीय जनता दल के 79, कांग्रेस के 19 और वाम दलों के 16 सदस्‍य हैं। ऑल इंडिया एमआईएम के एकमात्र सदस्‍य का समर्थन किसी भी गुट के पक्ष में नहीं है।