संसद ने श्रमिकों के कल्‍याण और सुरक्षा के लिए श्रम संहिता संबंधी तीन विधेयक पारित किए

संसद ने श्रमिकों के कल्‍याण और सुरक्षा के लिए श्रम संहिता संबंधी तीन विधेयक पारित कर दिए हैं। राज्‍यसभा ने इन विधेयकों को आज स्‍वीकृति दी जबकि लोकसभा ने इन्‍हें कल पारित किया था।

पहले विधेयक, व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य और कार्य-स्थिति संहिता 2020 में किसी प्रतिष्‍ठान में नियुक्‍त व्‍यक्तियों की व्‍यावसायिक सुरक्षा, स्‍वास्‍थ्‍य और कार्य करने की दशाओं को विनियमित करने का प्रावधान है।

दूसरे विधेयक, औद्योगिक संबंध संहिता 2020 में कर्मचारी संघ, औद्योगिक प्रतिष्‍ठान या उपक्रम में रोज़गार की दशाओं, औद्योगिक विवादों की जांच और निपटान संबंधी कानून को संशोधित किया गया है।

तीसरे विधेयक, सामाजिक सुरक्षा संहिता 2020 के तहत देश में कर्मचारियों की सामाजिक सुरक्षा संबंधी कानूनों को संशोधित किया गया है।

विधेयकों पर चर्चा के उत्‍तर में श्रम और रोज़गार मंत्री संतोष कुमार गंगवार ने कहा कि इन ऐतिहासिक विधेयकों से समयबद्ध शिकायत समाधान प्रणाली के ज़रिये श्रमिकों के हितों पर दूरगामी असर होंगे। उन्‍होंने कहा कि श्रमिकों को सुरक्षित वातावरण उपलब्‍ध कराने तथा सामाजिक सुरक्षा प्रणाली के लिए विधेयकों में कई प्रावधान किए गए हैं।

हमारी सरकार सदैव से सत्‍यमेव जयते के सिद्धांत को मानती है तथा एक श्रमिक के जीवन को बेहतर बनाने के लिए सरकार संकल्पित है। इसी उद्देश्‍य से हम अपने श्रमिकों को बेहतर सुरक्षा काम करने के वातावरण की सुरक्षा, सामाजिक सुरक्षा तथा त्‍वरित विवाद निवारण प्रणाली देने के लिए सदैव प्रयासरत रहे है। श्रम योगी बनाते हुए उनके जीवन को सहज बनाने की कोशिश की जाये और इस उद्देश्‍य की प्राप्ति के लिए पिछले छह वर्षों में जो प्रयास किये गये हैं, वो हम सबकी जानकारी में हैं। जैसे- असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों और छोटे व्‍यापारियों को पेंशन देना।

संतोष कुमार गंगवार ने कहा कि सरकार ने मज़दूरों से विरोध का अधिकार नहीं छीना है। मज़दूरों की समस्‍याओं के सौहार्दपूर्ण समाधान तलाशने के लिए हड़ताल से पहले 14 दिन का नॉटिस देने की व्‍यवस्‍था की गई है। उन्‍होंने कहा कि अन्‍य जगहों पर जाकर काम करने वाले मज़दूरों के कल्‍याण के लिए भी कई प्रावधान किए गए हैं।

चर्चा में हस्‍तक्षेप करते हुए सूचना और प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि इन ऐतिहासिक विधेयकों से श्रमिकों को न्‍याय मिलेगा।

भारत की आजादी के बाद 73 सालों में लेकिन मजदूर जिस न्‍याय की प्रतीक्षा कर रहे थे। वो न्‍याय अब मिल रहा है। वेतन सुरक्षा, सामाजिक सुरक्षा, स्‍वास्‍थ्‍य सुरक्षा तीनों की गारंटी देने वाली ये बिल है। केन्‍द्रीय श्रम कानून की संख्‍या 70 थी और उसमें मजदूर उलझ गये थे। अब चार कोर बन गये तो न्‍याय अब जल्‍दी और अच्‍छा मिलेगा। इसकी मुख्‍य विशेषताएं क्‍या हैं। सभी मजदूरों को न्‍यूनतम मजदूरी मिलेगी। गारंटी, ये पहले गारंटी नहीं थी। सभी मजदूरों को समय पर वेतन मिलेगा। कहीं एक तारीख को मिलता, कहीं पांच तारीख को मिलता, कहीं सात तारीख को मिलता, कहीं दस तारीख को मिलता, कभी महीने के अंत में मिलता, ऐसा अब नहीं कर सकते, समय पर वेतन देना ही पड़ेगा।

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