बजट 2024-25 में घोषित तीन नए प्रमुख रेलवे गलियारों के लिए पीएम गतिशक्ति का उपयोग किया जाएगा

2024-25 के अंतरिम बजट में मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी को सक्षम करने के लिए पीएम गतिशक्ति के तहत कार्यान्वित किए जाने वाले तीन आर्थिक रेलवे गलियारे – (i) ऊर्जा, खनिज और सीमेंट गलियारा (ii) बंदरगाह कनेक्टिविटी गलियारा, और (iii) उच्च यातायात घनत्व गलियारे की घोषणा रेलवे की लॉजिस्टिक क्षमता और लॉजिस्टिक लागत में कमी लाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। यह उच्च घनत्व वाले रेल मार्गों पर भीड़ कम करेगा और सड़क से रेल और तटीय शिपिंग तक मॉडल शिफ्ट की सुविधा प्रदान करेगा, जिससे लॉजिस्टिक्स में कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी।

केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने घोषणा का स्वागत करते हुए कहा कि बुनियादी ढांचे के विकास में निवेश से रोजगार के अवसर पैदा होंगे और देश की आर्थिक वृद्धि कई गुना तेज होगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सरकार का ध्यान बुनियादी ढांचे पर रहा है क्योंकि इसका सभी क्षेत्रों के लाभार्थियों पर सीधा प्रभाव पड़ता है।

बजट 2024 की कई घोषणाओं के तहत मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी की योजना के लिए पीएम गतिशक्ति एनएमपी के निरंतर उपयोग के मजबूत अवसर उभर कर सामने आए हैं, जो निम्नलिखित हैं:

  • मौजूदा हवाई अड्डों का विस्तार  और नए हवाई अड्डों का निर्माण;
  • भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारा भारत के लिए एक रणनीतिक और आर्थिक बदलाव का वाहक;
  • भारतीय द्वीपों पर बंदरगाह कनेक्टिविटी, पर्यटन बुनियादी ढांचे और सुविधाओं को बढ़ाकर प्रसिद्ध पर्यटन केंद्रों का व्यापक विकास;
  • पारगमन-उन्मुख विकास और जीवन में सुगमता को बढ़ावा देने पर ध्यान केंद्रित करते हुए बड़े शहरों में मेट्रो रेल और नमो भारत का विस्तार;
  • विभिन्न विभागों के तहत मौजूदा अस्पताल के बुनियादी ढांचे का उपयोग करके अधिक मेडिकल कॉलेजों की स्थापना में तेजी लाना और बेहतर पोषण वितरण तथा शिशु देखभाल के लिए “सक्षम आंगनवाड़ी और पोषण 2.0” के तहत आंगनवाड़ी केंद्रों का उन्नयन करना।

विश्व स्तरीय आधुनिक बुनियादी ढांचे का विकास सर्वोपरि है क्योंकि यह भारत के विकास का महत्वपूर्ण हिस्सा है और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं का हिस्सा बनने के लिए यह पहली शर्त है। इसमें, (i) पीएम गतिशक्ति (पीएमजीएस) राष्ट्रीय मास्टर प्लान (जीआईएस-डेटा-आधारित योजना मंच, एआई का उपयोग, उन्नत उपकरण आदि), (ii) लॉजिस्टिक्स सुगमता के लिए यूनिफाइड लॉजिस्टिक्स इंटरफ़ेस प्लेटफ़ॉर्म (यूलिप) और (iii) आरएफआईडी-प्रौद्योगिकी, बिग डेटा एनालिटिक्स और आईओटी आधारित लॉजिस्टिक्स डेटा बैंक (एलडीबी) जैसे नए युग की प्रौद्योगिकियों और डेटा-आधारित तंत्रों का उपयोग पूर्वानुमानित योजना तथा उद्देश्य, कुशल लॉजिस्टिक्स तथा एकीकृत बुनियादी ढांचे के विकास के लिए डेटा-आधारित निर्णय लेने में सक्षम बनाना जारी रखेगा।

इसकी शुरूआत के बाद से, पीएम गतिशक्ति का उपयोग भौतिक बुनियादी ढांचे की योजना में किया गया है और क्षेत्रीय दृष्टिकोण को आर्थिक और सामाजिक दोनों क्षेत्रों की संपत्तियों की व्यापक योजना के लिए एकीकृत किया गया है (उदाहरण के लिए, बुनियादी ढांचे के अंतराल की पहचान के लिए अंतराल विश्लेषक उपकरण, स्कूलों, आंगनवाड़ी केंद्रों, कृषि बाजार यार्डों आदि के लिए बेहतर जगह की पहचान के लिए साइट उपयुक्तता उपकरण)। पीएमजीएस एनएमपी का उपयोग महत्वपूर्ण रूप से बुनियादी ढांचे के निवेश में जोखिम को कम कर रहा है और लॉजिस्टिक्स दक्षता की सुविधा के माध्यम से एफडीआई प्रवाह को प्रोत्साहित कर रहा है।

बजट 2024 में नए बुनियादी ढांचे के निर्माण के अलावा मौजूदा बुनियादी ढांचे को उन्नत करने की घोषणाओं के साथ, पीएमजीएस जैसी प्रौद्योगिकी की भूमिका महत्वपूर्ण बनी हुई है। यह लॉजिस्टिक्स और बुनियादी ढांचा क्षेत्र में एकीकृत योजना के लिए जीआईएस-डेटा-आधारित फैसला लेने की प्रणाली प्रदान करती है जिससे जीवन की सुगमता के साथ-साथ व्यवसाय करने में आसानी होती है।