प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी, तीन दिन की रूस यात्रा पर रवाना, पूर्वी आर्थिक फोरम और भारत-रूस वार्षिक शिखर बैठक में शामिल होंगे

प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी रूस की तीन दिन की यात्रा पर पूर्वी बंदरगाह शहर व्‍लादिवस्‍तोक के लिए रवाना हो गए हैं। वे पूर्वी आर्थिक फोरम सम्‍मेलन में मुख्‍य अतिथि के रूप में हिस्‍सा लेंगे। प्रधानमंत्री भारत-रूस वार्षिक शिखर बैठक में भी हिस्‍सा लेंगे।

प्रधानमंत्री ने कहा कि वे राष्‍ट्रपति व्‍लादीमीर पुतिन के साथ व्‍यापक वार्ता के लिए उत्‍सुकता से प्रतीक्षा कर रहे हैं। वार्ता मुख्‍य रूप से दोनों देशों के बीच रणनीतिक भागीदारी को और मज़बूत करने पर केन्‍द्रि‍त रहेगी। उन्‍होंने कहा कि यात्रा के दौरान वे महात्‍मा गांधी की 150वीं जयंती की स्‍मृति में विशेष टिकट जारी करेंगे। योग को लोकप्रिय बनाने के लिए नए एप की शुरूआत की जाएगी। प्रधानमंत्री ने कहा कि व्‍लादिवस्‍तोक में ज़हाज निर्माण के क्षेत्र में सहयोग की संभावनाओं की भी तलाश की जाएगी।

प्रधानमंत्री और रूसी राष्‍ट्रपति व्‍लादीमीर पुतिन आर्थिक संबंधों को मजबूत करने के लिए नई रणनीतियों और नए आयामों पर विचार करेंगे। दोनों नेता सुदूरपुर्वी रूस में अवसरों के दोहन के लिए आपसी सहयोग के नए क्षेत्रों की तलाश भी करेंगे। भारत हीरा और कोयला खनन, गैस और हाईड्रोकार्बन और कृषि संबंधी अवसरों के लिए इस क्षेत्रों में दिलचस्‍पी दिखा रहा है। जबकि रूस भारतीय पक्ष से इस क्षेत्र में निवेश की उम्‍मीद करता है। भारत इस क्षेत्र में मानव संसाधन निर्यात की संभावनाओं को भी तलाश रहा है। अर्थव्‍यवस्‍था, व्‍यपार, रक्षा, असैनिक परमाणु और हाईड्रोकार्बन की पारंपरिक क्षेत्रों में अपने संबंधों की विस्‍तार के साथ-साथ भारत और रूस सहयोग के नए क्षेत्रों की खोज भी कर रहे हैं।

विदेश सचिव विजय गोखले ने कहा कि रूस के राष्‍ट्रपति के साथ प्रधानमंत्री की द्विपक्षीय वार्ता के दौरान विभिन्‍न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हो सकती है और कई सहमति पत्रों पर हस्‍ताक्षर हो सकते हैं।

कोयले के निर्यात को लेकर कोल इंडिया और रूस की कंपनी के बीच तथा खनन क्षेत्र में सहयोग के लिए भारतीय इस्‍पात प्राधिकरण और रूसी कंपनी के बीच अनेक सहमति पत्रों पर हस्‍ताक्षर होने की उम्‍मीद है। ऑडियो विज्‍युल, ऊर्जा क्षेत्र में उत्‍पादन, चेन्‍नई और व्‍लादिवोस्तिक के बीच समुद्री मार्ग के विकास सहित महत्‍वपूर्ण क्षेत्रों में व्‍यापार संबंधी अनेक सहमति पत्रों पर भी हस्‍ताक्षर होंगे।

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