प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज सरकार की विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के लाभार्थियों से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए बातचीत की

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज सामाजिक सुरक्षा योजना के देशभर के लाभार्थियों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बातचीत की। इस बातचीत में चार प्रमुख सामाजिक सुरक्षा योजनाएं अटल बीमा योजना, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना और वय वंदन योजना शामिल रहीं। प्रधानमंत्री की यह विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बातचीत करने की आठवीं कड़ी है।

विपरीत परिस्थितियों से जूझते हुए और मजबूती के साथ ऊभरे लोगों से बातचीत पर खुशी जताते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि सामाजिक सुरक्षा योजनाएं लोगों को सशक्त कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि मौजूदा सरकार की ये सामाजिक सुरक्षा योजनाएं जीवन की अनिश्चयताओं से जूझ रहे लोगों को प्रभावी तरीके से न सिर्फ मदद कर रही हैं बल्कि परिवार को मुश्किल वित्तीय हालात से उबरने में उन्हें मजबूती भी प्रदान कर रही है।

प्रधानमंत्री ने गरीबों और वंचितों को वित्तीय सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सरकार द्वारा उठाए गए विभिन्न उपायों के बारे में भी बताया। इस कड़ी में उन्होंने गरीबों के लिए बैंक के द्वार खोले जाने- लोगों को बैंक से जोड़ना, छोटे व्यापारियों और उभरते उद्यमियों के लिए पूंजी तक पहुंच सुनिश्चित करना- फंडिंग की व्यवस्था और गरीबों एवं वंचितों के लिए सामाजिक सुरक्षा उपलब्ध कराना-सबको वित्तीय सुरक्षा के बारे में बताया।

लाभार्थियों से बातचीत करते हुए प्रधानमंत्री ने बताया कि 2014 से 2017 के दौरान प्रधानमंत्री जन-धन योजना के तहत कुल 28 करोड़ बैंक खाते खुलवाए गए, जो इस दौरान दुनियाभर में खुलवाए गए बैंक खातों का लगभग 55 फीसदी है। उन्होंने इस बात पर खुशी जताई कि भारत में अब ज्यादातर महिलाओं के बैंक खाते हैं और वर्ष 2014 में 53 फीसदी के मुकाबले देश में बैंक खातों की संख्या 80 फीसदी तक पहुंच गई हैं।

प्रधानमंत्री ने लोगों की संघर्ष गाथा सुनते हुए कहा कि जन हानि की भरपाई तो नहीं की जा सकती लेकिन सरकार ने प्रभावित परिवार को आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करने की हमेशा ही कोशिश की है। उन्होंने कहा कि लगभग 300 रुपये की छोटी प्रीमियम का भुगतान कर 5 करोड़ से अधिक लोगों ने प्रधानमंत्री जीवन ज्योति योजना से लाभ उठाया है।

दुर्घटना कवर करने वाली प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के बारे में बताते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि 13 करोड़ से अधिक लोगों ने इस योजना को अपनाया है। प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के तहत लोग सिर्फ 12 रुपये का सालाना प्रीमियम का भुगतान कर 2 लाख रुपये तक की दुर्घटना बीमा राशि का दावा कर सकते है।

लाभार्थियों से बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री ने बुर्जुगों की देखभाल से जुड़ी विभिन्न सरकारी पहलों के बारे में भी बताया। उन्होंने कहा कि पिछले साल शुरू वय वंदना योजना से लगभग 3 लाख बुर्जुग लोगों ने लाभ उठाया है। इस योजना के तहत 60 साल से अधिक उम्र के लोग 10 साल तक 8 फीसदी का तय ब्याज प्राप्त कर सकते है। इसके अलावा सरकार ने वरिष्ठ नागरिकों के लिए आयकर की सीमा 2.5 लाख से बढ़ाकर 3 लाख कर दी है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सरकार वरिष्ठ नागरिकों के बेहतर जीवन के प्रति प्रतिबद्ध है।

सभी नागरिकों को सामाजिक सुरक्षा उपलब्ध कराने की सरकारी की प्रतिबद्धता पर जोर देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि तीन साल के अंदर तीन प्रमुख सामाजिक सुरक्षा योजनाओं (अटल पेंशन योजना, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति योजना और प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना) के तहत 20 करोड़ से अधिक लोगों को लाया जा चुका है। प्रधानमंत्री ने लाभार्थियों को यह भी विश्वास दिलाया कि सरकार सभी नागरिकों खासकर गरीबों और वंचितों का कल्याण सुनिश्चित करने की कोशिशों को जारी रखेगी और बेहतर तरीके से उन्हें सशक्त करेगी।

प्रधानमंत्री से बातचीत करते हुए विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों ने विस्तार से बताया कि जरूरत के समय इन योजनाओं ने कैसे उनके जीवन में मदद की। लाभार्थियों ने इन योजनाओं के लिए प्रधानमंत्री को धन्यवाद भी दिया और यह बताया कि ज्यादातर योजनाएं कई लोगों के लिए जीवन में बदलाव का माध्यम बनीं।

 

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