प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का शंघाई सहयोग संगठन के सदस्य देशों से क्षेत्र में सुरक्षा, आर्थिक विकास और सड़क सम्पर्क के लिये सार्थक सहयोग का आह्वान

प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने शंघाई सहयोग संगठन के सदस्‍यों देशों के बीच सुरक्षा, आर्थिक विकास और क्षेत्र में सड़क सम्‍पर्क के लिए सार्थक सहयोग की आवश्‍यकता पर बल दिया है। चीन के छिंगताओ शहर में एस सी ओ के पूर्ण सत्र को संबोधित करते हुए श्री मोदी ने सिक्‍योर नाम से एक नया विचार प्रस्‍तुत किया।

एस से मतलब है सिक्योरिटी ऑफ आवर सिटीजन्स, इ से मतलब है इकोनॉमिक डेवलपमेंट फॉर ऑल, सी से कनेक्टिंग द रीजन, यू से यूनाइटेड आवर पीपुल, आर से रिस्पेक्ट फॉर सोवरनिटी और इंटीग्रिटी, ई से एनवायरमेंट प्रोटेक्शन। मैं मानता हूं कि इन दिशाओं में सार्थक सहयोग से ही हमारा एससीओ सही मायनों में सेफ एंड कनेक्टेड ऑर्गेनाइजेशन बन सकेगा।

प्रधानमंत्री ने चीन के वन बेल्‍ट वन रोड प्रोजेक्‍ट के बारे में भारत का नजरिया दोहराया और कहा कि भारत केवल ऐसी सम्‍पर्क परियोजनाओं का स्‍वागत करता है जो समावेशी, सतत और पारदर्शी हों तथा सभी देशों की सम्‍प्रभुता और प्रादेशिक अखंडता का सम्‍मान करती हों।

शंघाई सहयोग संगठन भले ही एक नया संगठन है जिसमें केवल आठ सदस्य हैं, लेकिन एक क्षेत्रीय संगठन के तौर पर यह एक महत्वपूर्ण संस्था है। इसके चार मध्य एशियाई सदस्य प्राकृतिक संसाधनों में तो समृद्ध हैं ही, इनका सामरिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण स्थान है। दुनिया की तकरीबन 40 प्रतिशत से अधिक आबादी का प्रतिनिधित्व करने वाले इस संगठन की चीन में हुई बैठक में प्रधानमंत्री श्री मोदी ने सदस्य देशों का ध्यान आतंकवाद और क्षेत्रीय सहयोग जैसे मुद्दों की ओर सफलतापूर्वक खींचा। इस सम्मेलन में आतंकवाद और मादक पर्दाथों की तस्करी से लेकर देशों को आपस में जोड़ने और बहुध्रुवीय विश्व के निर्माण जैसे विषयों पर भी सहमति बनी जिसका क्षेत्रीय शांति, सुरक्षा और समृद्धि पर सीधा प्रभाव होता है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी चीन की दो दिन की यात्रा के बाद कल रात स्‍वदेश लौट आये।

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