राष्‍ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने 75वें गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्‍या पर राष्‍ट्र को सम्‍बोंधित किया

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा है कि अयोध्या में नवनिर्मित राम मंदिर एक भव्‍य भवन है। यह मंदिर लोगों की आस्था और न्यायिक प्रक्रिया में भारी विश्वास की अभिव्यक्ति है। राष्ट्रपति मुर्मु ने 75वें गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर आज राष्ट्र को संबोधित किया। उन्‍होंने कहा कि भविष्य के इतिहासकार भगवान राम के अभिषेक समारोह को भारत की अपनी सभ्यतागत विरासत की खोज में एक प्रमुख उपलब्धि मानेंगे। उन्होंने कहा कि अयोध्या में मंदिर का निर्माण उचित न्यायिक प्रक्रिया और देश की सर्वोच्च अदालत के निर्णय के बाद आरंभ हुआ।

दुनिया भर में हाल के संघर्षों का जिक्र करते हुए राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि दुनिया भर में कई संघर्षों का तर्क के आलोक में रास्ता खोजा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि दुर्भाग्य से कारण के बजाय, भय और पूर्वाग्रहों ने जुनून को प्रोत्‍साहन दिया है, जिससे लगातार हिंसा हो रही है।

राष्ट्रपति मुर्मु ने इस बात पर बल दिया कि भारत का प्राचीन ज्ञान दुनिया को वैश्विक पर्यावरण संकट से बाहर निकलने का मार्ग खोजने में भी सहायता कर सकता है। उन्होंने भारत के ऊर्जा के नवीकरणीय स्रोतों को प्रोत्‍साहन देने और वैश्विक जलवायु कार्रवाई में नेतृत्व करने पर प्रसन्‍नता व्‍यक्‍त की। भारत ने इसे अपनाने के लिए ‘मिशन लाइफ’ यानी पर्यावरण के अनुकूल जीवनशैली अभियान शुरू किया। राष्ट्रपति मुर्मु ने इस बात पर प्रकाश डाला कि वैश्विक समुदाय ने जलवायु परिवर्तन के मुद्दे से निपटने के लिए व्यक्तिगत व्यवहार परिवर्तन पर भारत की सराहना की है।

राष्ट्रपति ने नई दिल्ली में जी-20 शिखर सम्मेलन के सफल आयोजन का उल्लेख किया। उन्‍होंने कहा कि इस शानदार आयोजन ने नागरिकों को रणनीतिक और राजनयिक मामलों में भागीदार बनाने के लिए सीख प्रदान की। उन्‍होंने कहा कि जी-20 शिखर सम्मेलन ने ग्‍लोबल साउथ की आवाज के रूप में भारत के उद्भव को भी बढ़ावा दिया, जिससे अंतर्राष्ट्रीय चर्चा में एक आवश्यक घटक जुड़ गया।

राष्ट्रपति ने विश्वास व्यक्त किया कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम महिला सशक्तिकरण के लिए एक क्रांतिकारी साबित होगा। उन्होंने कहा कि इससे प्रशासन को बेहतर बनाने में भी काफी सहायता मिलेगी। उन्होंने कहा कि जब सामूहिक महत्व के मामलों में अधिक महिलाएं सम्मिलित होंगी तो देश की प्रशासनिक प्राथमिकताएं जनता की आवश्‍यकताओं के अनुरूप होंगी।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा कि इस वर्ष भारत, चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर उतरने वाला पहला देश बना था। उन्होंने कहा कि चंद्रयान-3 के बाद भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन ने सौर मिशन भी शुरू किया। उन्‍होंने कहा कि हाल ही में, आदित्य एल-1 को हेलो कक्षा में सफलतापूर्वक स्थापित किया गया था। उन्होंने कहा कि भारत की अंतरिक्ष यात्रा नई उपलब्धि है और देश के पहले मानव अंतरिक्ष उड़ान कार्यक्रम गगनयान मिशन की तैयारी सुचारू रूप से चल रही है। उन्होंने अधिक ऊंचे लक्ष्य रखने और उसे पूरा करने के लिए भारतीय वैज्ञानिकों और प्रौद्योगिकी विशेषज्ञों की प्रशंसा की। राष्ट्रपति ने कहा कि भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम का उद्देश्य संपूर्ण मानवता के लाभ के लिए विज्ञान और प्रौद्योगिकी की भूमिका को विस्तारित करना है।

आर्थिक विकास पर राष्ट्रपति ने कहा कि भारत की विकास दर बढ़ी है। उन्होंने विश्वास व्‍यक्‍त किया कि आर्थिक विकास में भारत का यह असाधारण प्रदर्शन वर्ष 2024 और उसके बाद भी जारी रहेगा। राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि सरकार ने 81 करोड़ से अधिक लोगों को पांच वर्ष तक मुफ्त अनाज देने का निर्णय किया है।

राष्ट्रपति ने देशवासियों से संविधान में निहित मौलिक कर्तव्यों का पालन करने की अपील की। उन्‍होंने कहा कि भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने के लिए यह आवश्यक दायित्व है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि यह युग परिवर्तन का समय है और लोगों को देश को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का सुनहरा अवसर दिया गया है।

राष्ट्रपति मुर्मु ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का मान बढ़ाने के लिए खिलाड़ियों की भी प्रशंसा की। उन्‍होंने कहा कि पिछले वर्ष एशियाई खेलों में भारत ने रिकॉर्ड तोड़ प्रदर्शन करते हुए 107 पदक जीते। राष्‍ट्रपति ने कहा कि भारत ने इतिहास रचते हुए एशियाई पैरा खेलों में 111 पदक जीते। उन्होंने विश्‍वास व्‍यक्‍त किया कि भारतीय खिलाड़ी पेरिस ओलंपिक में भी बेहतर प्रदर्शन करेंगे।

राष्ट्रपति ने सशस्त्र बलों, पुलिस और अर्धसैनिक बलों के कर्मियों को सलाम करते हुए कहा कि उनकी वीरता और सतर्कता के बिना, भारत इतनी बड़ी ऊंचाइयों तक नहीं पहुंच सकता था।