राष्‍ट्रपति मुर्मु ने कहा कि वर्ल्‍ड फूड इंडिया भारत की समृद्ध खाद्य संस्‍कृति से विश्‍व को और अवगत कराने में दूरगामी सिद्ध होगा

राष्‍ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने ऐसे अनाजों से दूर रहने की आवश्‍यकता का उल्‍लेख किया है जो जलवायु परिवर्तन की समस्‍याओं को बढाते हैं। नई दिल्‍ली में आज वर्ल्‍ड फूड इंडिया 2023 के समापन सत्र को संबोधित करते हुए उन्‍होंने कहा कि अब लोगों को ऐसे अनाज का चयन करने से बचना चाहिए जो प्रकृति को किसी भी तरह का नुकसान पहुंचाते हों।

राष्‍ट्रपति मुर्मु ने कहा कि वर्ल्‍ड फूड इंडिया भारत की समृद्ध खाद्य संस्‍कृति से विश्‍व को और अवगत कराने में दूरगामी सिद्ध होगा। उन्‍होंने कहा कि वर्ल्‍ड फूड इंडिया इस क्षेत्र में सूक्ष्‍म, लघु और मध्‍यम उद्यमों के लिए एक बडा मंच भी साबित होगा। इसके जरिए घरेलू और वैश्विक कंपनियों के साथ तालमेल स्‍थापित करने में मदद मिलेगी। राष्‍ट्रपति ने कहा कि यह कार्यक्रम कृषि और खाद्य वस्‍तुओं के एक स्रोत केन्‍द्र के रूप में भारत के लिए एक आदर्श मंच भी है।

उन्‍होंने कहा कि इस सत्‍य को स्‍वीकार करना पीडादायक है कि विश्‍व के कई हिस्‍सों में बडी संख्‍या में लोग भूखे पेट सोने के लिए मजबूर हैं। राष्‍ट्रपति मुर्मु ने कहा कि उत्‍पादन की कमी भूखमरी की वजह नहीं है बल्कि इसकी मुख्‍य वजह खाद्यन्‍न के वितरण की कमी है।