राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने अंतर्राष्ट्रीय न्यायिक सम्मेलन के समापन सत्र को संबोधित किया

President Ram Nath Kovind addresses the concluding session of the International Judicial Conference

नई दिल्ली: राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा है कि न्याय तक आम लोगों की पहुंच को अधिक सुगम बनाने के वास्ते कई बुनियादी सुधार करने के लिए सुप्रीम कोर्ट की सराहना की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि सदियों पुराने मूल्यों को ध्यान में रखते हुए इसी संवेदनशीलता के साथ उसने जैव विविधता और सतत विकास से जुड़े मुद्दों से भी निपटा है।

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद आज नई दिल्ली में दो दिन के अंतर्राष्ट्रीय न्यायिक सम्मेलन के समापन सत्र को संबोधित कर रहे थे। राष्ट्रपति ने कहा कि दो दशक पहले कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न रोकने संबंधी दिशा-निर्देश जारी करने से लेकर इस महीने सेना में महिलाओं को स्थायी कमीशन देने के बारे में निर्देश जारी करने तक सुप्रीम कोर्ट ने प्रगतिशील सामाजिक बदलाव में अग्रणी भूमिका निभाई है।

उन्होंने कहा कि लम्बे समय तक चलने वाली मुकदमेंबाजी की बजाए मध्यस्थता और सुलह-सफाई के जरिए विवादों को प्रभावी तरीके से सुलझाने में मदद मिलेगी। हाल ही में एक वैकल्पिक विवाद निपटान तंत्र शुरू करने से अदालतों पर पड़ने वाले भार के काफी कम होने की उम्मीद है।

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा पारित प्रमुख फैसलों से देश का कानूनी और संवैधानिक ढांचा मजबूत हुआ है।

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