राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने आर्थिक रूप से कमज़ोर वर्ग को आरक्षण देने संबंधी बिल को दी मंज़ूरी

राष्‍ट्रपति रामनाथ कोविंद ने सामान्‍य श्रेणी के आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए सरकारी नौकरियों और शिक्षण संस्‍थानों में दस प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान करने वाले विधेयक का अनुमोदन कर दिया है। राष्‍ट्रपति की मंजूरी मिलने के बाद यह विधेयक कानून बन गया है। संबंधित 124वां संविधान संशोधन विधेयक-2019 इसी सप्‍ताह संसद के दोनों सदनों में पारित किया गया था।

राजपत्र अधिसूचना के अनुसार यह कानून 103वें संविधान संशोधन अधिनियम-2019 के नाम से जाना जाएगा।

प्रधानमंत्री ने कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के युवाओं के लिए शिक्षा और सरकारी नौकरियों में दस प्रतिशत आरक्षण से नये भारत का आत्‍मविश्‍वास बढ़ेगा।

सामान्‍य श्रेणी के गरीब युवाओं को शिक्षा और सरकारी सेवाओं में 10 प्रतिशत आरक्षण नए भारत के आत्‍मविश्‍वास को और बढ़ाने वाला है। ये मेरे उन भाइयों-बहनों को समानता देने की ऐतिहासिक कोशिश थी, जिनके साथ जाति के आधार पर भेदभाव किया जाता रहा है ये व्‍यवस्‍था आज भी उतनी ही मजबूत है जितनी पहले थी।

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