भारतीय गुणवत्ता परिषद और ONDC ने MSME और छोटे खुदरा विक्रेताओं को सशक्त बनाने के लिए डिजीरेडी सर्टिफिकेशन पोर्टल लांच किया

हमारे राष्ट्र की रीढ़ की हड्डी के रूप में सूक्ष्म, लघु और मझोले उद्यम (एमएसएमई) सेक्टर रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देने और क्षेत्रीय असंतुलनों को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। एमएसएमई सेक्टर में डिजिटल समावेशन को बढ़ावा देने की दिशा में एक उल्लेखनीय कदम के रूप में भारतीय गुणवत्ता परिषद (क्यूसीआई) और ओपेन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स (ओएनडीसी) ने डिजीरेडी सर्टिफिकेशन (डीआरसी) पोर्टल लांच करने की घोषणा की है।

इस पहल के लिए क्यूसीआई का लक्ष्य ओएनडीसी के साथ मिल कर एमएसएमई निकायों की डिजिटल तैयारी का आकलन करना और प्रमाणित करना है। इस ऑनलाइन स्व- आकलन उपकरण का लाभ उठाने के जरिये एमएसएमई ओएनडीसी प्लेटफॉर्म पर निर्बाध रूप से विक्रेताओं के रूप में शामिल होने के लिए अपनी तैयारियों का मूल्यांकन कर सकते हैं जिससे उनकी डिजिटल क्षमताओं और व्यवसाय क्षमता का विस्तार हो सकता है।

डीआरसी पोर्टल की रूपरेखा विवेकपूर्ण विक्रेता यात्रा को सुगम बनाने के लिए सावधानीपूर्वक तैयार की गई है जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि एमएसएमई और छोटे खुदरा विक्रेता निर्बाध रूप से विद्यमान डिजिटाइज्ड कार्यप्रवाह में एकीकृत हो सकें। प्रमाणन प्रक्रिया ऑनलाइन प्रचालनों के लिए आवश्यक दस्तावेजीकरण की उपस्थिति, सॉफ्टवेयर तथा प्रौद्योगिकी का उपयोग करने में दक्षता, विद्यमान डिजिटाइज्ड कार्य प्रवाह के साथ समेकन और ऑर्डरों तथा कैटेलॉग प्रस्तुतियों के कुशल प्रबंधन सहित डिजिटल तैयारियों के विभिन्न पहलुओं का मूल्यांकन करती है।

इस अवसर पर क्यूसीआई के अध्यक्ष जक्सय शाह ने कहा ‘‘ डिजीरेडी सर्टिफिकेशन (डीआरसी) पहल गांवों को संवेदनशील बनाने और डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देने की हमारे प्रधानमंत्री की अपील की तर्ज पर है। यह हाल ही में लांच किए गए ‘ फस्र्ट (फोरम फॉर इंटरनेट रिटेलर्स, सेलर्स एंड ट्रेडर्स) ‘ के उद्देश्यों से भी मेल खाता है। डीआरसी पोर्टल का लांच एमएसएमई को सशक्त बनाने और ई- कॉमर्स को और अधिक समावेशी तथा सुलभ बनाने के हमारे मिशन का एक महत्वपूर्ण क्षण है। ‘‘

ओएनडीसी के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी टी कोशी ने कहा,‘‘ डिजीरेडी सर्टिफिकेशन (डीआरसी) एमएसएमई के लिए एक रूपांतरकारी कदम साबित हो सकता है जो उन्हें उभरते ई- कॉमर्स व्यवसाय परिदृश्य को नेवीगेट करने के लिए आवश्यक डिजिटल क्षमताओं से सुसज्जित करेगा। डीआरसी नेटवर्क में एमएसएमई के समेकन में तेजी लाता है, साथ ही डिजिटल अर्थव्यवस्था में फलने फूलने की उनकी क्षमता को भी बढ़ाता है। यह सभी व्यक्तियों के लिए अधिक मजबूत और सशक्त भविष्य को सक्षम बनाने के लिए डिजिटल समावेशन को बढ़ावा देने की हमारी प्रतिबद्धता का एक प्रमाण है। ‘‘