रेल मंत्री पीयूष गोयल ने कहा पिछले एक साल में रेल दुर्घटना में एक भी व्‍यक्ति की जान नहीं गई

रेलवे सही मायने में देश की जीवन रेखा बन गई है। वर्ष 2019-20 के दौरान रेल दुर्घटना में एक भी यात्री की जान नहीं गई। रेल और वाणिज्‍य मंत्री पीयूष गोयल ने नरेन्‍द्र मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का पहला वर्ष पूरा होने पर रेलवे की उपलब्धियों के बारे में लेख लिखा है। उन्‍होंने बताया कि पिछला वर्ष सुरक्षा और कार्य प्रदर्शन दोनों ही क्षेत्रों में रेलवे के लिए उल्‍लेखनीय रहा।

देश में सभी मानव रहित रेलवे क्रासिंग को समाप्‍त कर दिया गया है जबकि एक हजार दो सौ 74 अन्‍य क्रासिंगों को भी हटा दिया गया। नई लाइन के चालू होने दोहरीकरण और गेज परिवर्तन 2019-20 में बढ़कर दो हजार दो सौ 26 किलोमीटर हो गये। गोयल ने बताया कि यह 2009 से 2014 के दरमियान हुए औसत वार्षिक कार्य की तुलना में लगभग 50 प्रतिशत अधिक रहा। उन्‍होंने बताया कि पिछले वर्ष की तुलना में गाडि़यों के समय की पाबंदी में भी लगभग 10 प्रतिशत का सुधार देखा गया। रेलमंत्री ने कहा कि कोविड-19 महामारी के मुश्किल समय के दौरान भारतीय रेलवे ने निर्बाध रूप से आवश्‍यक वस्‍तुओं की देशभर में आवाजाही सुनिश्चित की। उन्‍होंने श्रमिक ट्रेनों के परिचालन का भी उल्‍लेख करते हुए यह बताया कि अब तक 50 लाख से अधिक प्रवासी श्रमिकों को इन ट्रेनों के माध्‍यम से अपने गंतव्‍य स्‍थानों तक पहुंचाया जा चुका है। श्री गोयल ने उस अभिनव कदम का भी हवाला दिया जिसके माध्‍यम से रेलवे ने अपने डिब्‍बों में तीन लाख से अधिक बेड की सुविधानुसार कोविड देखभाल केन्‍द्र बनाये। वाणिज्‍य क्षेत्र में उठाये गये कदमों के बारे में ब्‍यौरा देते हुए उन्‍होंने प्रधानमंत्री के आरएस समूह में शामिल न होने के निर्णय को घरेलू श्रमिकों और छोटे और मध्‍म उद्यमों को बल देने वाला बताया।

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