भारतीय रिजर्व बैंक ने द्विमासिक मौद्रिक नीति की घोषणा की, रेपो दर एक चौथाई प्रतिशत घटाकर 6.25% की गई

Reserve Bank of India announces bimonthly monetary policy, repo rate reduced by one fourth percent to 6.25%

भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास की अध्‍यक्षता वाली द्विमासिक मौद्रिक नीति समिति ने रेपो दर 6 दशमलव 5 प्रतिशत से घटाकर 6 दशमलव दो पांच प्रतिशत कर दी है। आज मुंबई में समिति की बैठक हुई, जिसमें रिवर्स रेपो दर 6 प्रतिशत और बैंक दर 6 दशमलव 5 प्रतिशत करने की भी स्‍वीकृति दी गई। गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा – सकल घरेलू उत्‍पाद की दर वर्ष 2019-20 के दौरान सात दशमलव दो से सात दशमलव चार प्रतिशत के बीच रहने की संभावना है। उल्‍लेखनीय है कि मुद्रा‍स्‍फीति की दर कम हुई है और अगले एक वर्ष के दौरान इसके चार प्रतिशत के दायरे में ही रहने की उम्‍मीद है।

हमारी संवादाता ने बताया है कि बैंक ने कहा है कि जनवरी-मार्च तिमाही के दौरान खुदरा मुद्रास्फीति की दर 2 दशमलव 4 प्रतिशत रहेगी जो पिछले वर्ष अप्रैल से सितंबर के दौरान 3 दशमलव 4 प्रतिशत थी।

बाजार की उम्‍मीदों के अनुरूप रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास की अध्‍यक्षता वाली मौद्रिक नीति समिति ने आज नीति गत रेपो दर 25 बेसिस पॉइंट की कटौती को तत्‍काल प्रभाव से लागू करने की घोषणा की। इस घोषणा से घर के साथ निजी तथा कार ऋणों पर ब्‍याज की दर कम होने और नागरिकों को कुछ राहत मिलने की उम्‍मीद है। नये नवर्नर शक्तिकांत दास की नियुक्ति में तथा अंतरिम बजट के बाद यह पहली नीतिगत समीक्षा है। एमपीसी की अगली बैठक दो से चार अप्रैल 2019 के बीच निर्धारित है।

समिति ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि इस वर्ष रबी की बुआई पिछले वर्ष की तुलना में 4 प्रतिशत कम हुई है लेकिन रबी मौसम के अंत तक यह कमी पूरी हो जाने की संभावना है। 6 सदस्‍यीय समिति ने कहा है कि देश के आर्थिक विकास को लेकर कई प्रकार की चुनौतियां हैं। समिति ने निजी क्षेत्र में पूंजी निवेश पर बल दिया है।

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