सुप्रीम कोर्ट ने निर्भया दुष्‍कर्म मामले में दोषी विनय शर्मा की याचिका रद्द किये जाने के साथ ही चारों दोषियों को फांसी दिए जाने की रूकावटें समाप्‍त की

Supreme Court

सुप्रीम कोर्ट ने निर्भया सामूहिक दुष्‍कर्म और हत्‍या मामले के दोषी विनय शर्मा की वह अपील रद्द कर दी जिसमें उसने अपनी दया याचिका राष्‍ट्रपति द्वारा खारिज किये जाने को चुनौती दी थी। विनय शर्मा 2012 के दुष्‍कर्म मामले में मौत की सजा पाये चार दोषियों में से एक है। उसने अपनी याचिका में आरोप लगाया था कि उसकी दया याचिका पर दुर्भावना के साथ विचार किया गया। न्‍यायमूर्ति आर भानुमति, अशोक भूषण और ए एस बोपन्‍ना की खंडपीठ ने कहा कि शर्मा ने दया याचिका रद्द किये जाने की न्‍यायिक समीक्षा करने का कोई आधार नहीं दिया।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि शर्मा की चिकित्‍सा रिपोर्ट सहित सभी आवश्‍यक दस्‍तावेज राष्‍ट्रपति के समक्ष रखे गये थे और उन्‍होंने दया याचिका अपने विवेक से रद्द की है। सुप्रीम कोर्ट ने शर्मा की यह दलील नामंजूर कर दी कि वह मानसिक रूप से बीमार है। अदालत ने कहा कि उसकी चिकित्‍सा रिपोर्ट से साफ है कि वह मानसिक रूप से स्थिर है।

ट्रायल अदालत ने 31 जनवरी को इस मामले में अगले आदेशों तक चार दोषियों को फांसी देने पर रोक लगा दी थी।

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