खेल मंत्रालय ने भारतीय कुश्ती महासंघ पर आरोपों की जांच के लिए एक समिति का गठन किया

एथलीटों के हितों की रक्षा के लिए, भारतीय कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष, अन्य अधिकारियों और कोचों द्वारा यौन उत्पीड़न की पहलवानों की शिकायतों के बाद, और एथलीटों द्वारा वित्तीय कुप्रबंधन और मनमानी के आरोपों के बाद डब्ल्यूएफआई में सुशासन को बढ़ावा देने के लिए, खेल मंत्रालय ने प्रमुख खिलाड़ियों द्वारा लगाए गए यौन दुराचार, उत्पीड़न और/धमकाने, वित्तीय अनियमितताओं और प्रशासनिक चूक के आरोपों की जांच के लिए एक निरीक्षण समिति का गठन किया है। निरीक्षण समिति जांच के दौरान डब्ल्यूएफआई के दिन-प्रतिदिन के प्रशासन को भी संभालेगी।

एथलीट कमीशन की चेयरपर्सन खेल रत्न पुरस्कार से सम्मानित एम.सी. मैरी कॉम, आईओए की एग्जीक्यूटिव काउंसिल के सदस्य खेल रत्न पुरस्कार से सम्मानित योगेश्वर दत्त, मिशन ओलंपिक सेल की सदस्य ध्यानचंद पुरस्कार से सम्मानित तृप्ति मुर्गुंडे, भारतीय खेल प्राधिकरण, टीम्स की पूर्व-कार्यकारी निदेशक राधिका श्रीमन, टारगेट ओलंपिक पोडियम योजना के पूर्व-सीईओ सीआरडी राजेश राजगोपालन (सेवानिवृत्त) इस ओवरसाइट कमेटी की अध्यक्षता करेंगे।

निगरानी समिति 4 सप्ताह के भीतर जांच पूरी करेगी।

इसके अलावा, मंत्रालय ने डब्ल्यूएफआई की कार्यकारी समिति को अगले संवाद तक, तत्काल प्रभाव से संघ की दिन-प्रतिदिन की गतिविधियों के प्रबंधन से दूर रहने का निर्देश दिया है।