सुप्रीम कोर्ट सबरीमला मामले में दलील सुनने के बाद, सीएए को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई करेगा

Supreme Court of India

सुप्रीम कोर्ट सबरीमला मामले में दलील सुनने के बाद, नागरिकता संशोधन कानून-सीएए को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई करेगा। प्रधान न्‍यायाधीश न्यायमूर्ति एस ए बोबडे की अध्‍यक्षता वाली पीठ ने सीएए मामले की तुरंत सुनवाई के अधिवक्‍ता कपिल सिब्‍बल के अनुरोध पर यह व्‍यवस्‍था दी। एटॉर्नी जनरल के के वेणुगोपाल ने पीठ को बताया कि केंद्र इस मामले में अगले कुछ दिनों में अपना जवाब सौंप देगा।

शीर्ष न्‍यायालय ने पिछले साल 18 दिसम्‍बर को सीएए के क्रियान्‍वयन पर रोक लगाने से इन्कार करते हुए, इसकी संवैधानिक वैधता की जांच करने का निर्णय लिया था।

कई संगठनों और व्‍यक्तियों ने सीएए की संवैधानिक वैधता को चुनौ‍ती दी है, जिनमें इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग, कांग्रेस नेता जयराम रमेश, आर जे डी के मनोज झा, तृणमूल कांग्रेस की महुआ मौईत्रा और एआईएमआईएम के असदुद्दीन औवेसी शामिल हैं।

सीएए की अधिसूचना 10 जनवरी को जारी की गई थी, जिसमें धार्मिक प्रताड़ना के कारण 31 दिसम्‍बर 2014 तक अफगानिस्‍तान, पाकिस्‍तान और बंग्‍लादेश से भारत आए हिंदुओं, सिखों, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाइयों को भारतीय नागरिकता देने का प्रावधान है।

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