उच्चतम न्यायालय ने अयोध्या भूमि विवाद मामले की सुनवाई के लिए इस महीने की 29 तारीख निर्धारित की

Supreme Court adjourned hearing of Ram Janmabhoomi controversy case till January 10

उच्चतम न्यायालय ने अयोध्या भूमि विवाद मामले की सुनवाई के लिए इस महीने की 29 तारीख निर्धारित की है। मामले की सुनवाई के लिए गठित संविधान पीठ से न्यायमूर्ति यू.यू ललित के अलग होने के कारण पीठ का पुनर्गठन किया जाएगा। सुन्नी वक्फ बोर्ड के वकील राजीव धवन ने पीठ को बताया कि न्यायमूर्ति यू.यू. ललित 1994 में उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह की ओर से अदालत में पेश हुए थे। हालांकि उन्होंने कहा कि वे न्यायमूर्ति यू.यू. ललित को हटाने की मांग नहीं कर रहे हैं, लेकिन न्यायमूर्ति ललित ने स्वयं सुनवाई से अलग होने का फैसला किया। प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली इस पीठ के अन्य सदस्य हैं – न्यायमूर्ति एस.ए. बोबडे, एन.वी. रमणा और डी.वाई. चंद्रचूढ़ ।

पीठ ने अपने आदेश में कहा कि उच्चतम न्यायालय रजिस्ट्री, सीलबंद 50 बक्सों में रखे गए रिकार्ड की जांच करेगी।
शीर्ष न्यायालय ने कहा कि इनमें से कुछ दस्तावेज संस्कृत, अरबी, उर्दू, हिन्दी, फारसी और गुरमुखी में हैं, इसलिए इनका अनुवाद किए जाने की आवश्यकता है। पीठ ने कहा कि इसके लिए अगर जरूरी हुआ तो सरकारी अनुवादकों की सेवाएं ली जा सकती हैं।

विभिन्न हिन्दू संगठन अयोध्या में विवादित स्थल पर राम मंदिर के जल्द निर्माण के लिए अध्यादेश लाने की मांग कर रहे हैं।

Related posts