उच्चतम न्यायालय ने अयोध्या भूमि विवाद मामले में न्‍यायमूर्ति कलीफुल्‍ला की अध्‍यक्षता वाले तीन सदस्‍यीय मध्यस्थता पैनल से एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट मांगी

Supreme Court of India

उच्चतम न्यायालय ने अयोध्या भूमि विवाद मामले में मध्यस्थता पैनल से एक सप्ताह के भीतर ताजा रिपोर्ट देने को कहा है। न्यायालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि अगर पैनल द्वारा इस मुद्दे का सौहार्दपूर्ण समाधान नहीं निकाला जाता तो 25 जुलाई से इसकी नियमित सुनवाई की जायेगी।

प्रधान न्यायाधीश न्यायमूर्ति रंजन गोगोई की अध्यक्षता में पांच न्यायाधीशों की संवैधानिक पीठ ने पूर्व न्यायाधीश एफ एम आई कलीफुल्ला से अनुरोध किया कि वे इस महीने की 18 तारीख तक अपनी रिपोर्ट न्यायालय में दाखिल करें। न्यायालय ने यह आदेश मूल याचिकाकर्ताओं में से एक गोपाल सिंह विषारद की याचिका पर दिया है। अपनी याचिका में विषारद ने आरोप लगाया है कि उच्‍चतम न्‍यायालय ने इस मुद्दे के समाधान के लिए मध्‍यस्‍थता का जो आदेश दिया था उसमें कोई प्रगति नहीं हुई है।

अयोध्या में करीब पौने तीन एकड़ भूमि को सुन्नी वक्फ बोर्ड, निर्मोही अखाड़ा और रामलला के बीच बराबर बांटने के 2010 के इलाहाबाद उच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ उच्चतम न्यायालय में 14 याचिकाएं दाखिल की गई हैं।

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